शिक्षा-परीक्षा की दुनिया के कलंकित लोग!

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

इन दिनों उत्तरप्रदेश के समस्त शिक्षा-परीक्षा-परिषदों और आयोगों के अधिकारियों की शैक्षिक योग्यता पर पूरी तरह से प्रश्नचिह्न लग चुका है। धिक्कारने के लिए ‘लज्जा’ से भी निम्नतर शब्द होता तो उस शब्द से एक सिरे से सभी की भर्त्सना की जाती।


वे सभी अधिकारी किस मिट्टी के बने हुए हैं कि ‘लज्जा’ ही नहीं आती। परीक्षाएँ लगातार हो रही हैं; किन्तु प्रश्नपत्रों में शाब्दिक, व्याकरणिक, शब्द-संयोजन तथा तथ्यों की भयंकर अशुद्धियाँ की जा रही हैं।


वे अधिकारी और अध्यापक किस विश्वविद्यालय की खेती की पैदावार हैं, अब ‘शोध’ का विषय बनता जा रहा है। यहाँ आरक्षण की पैदावार दोषी तो हैं ही; रिश्वत, सिफ़ारिश और भाई-भतीजावाद की अनारक्षित कलंकित, कुत्सित, कुण्ठित-लुण्ठित पैदावार भी कम दोषी नहीं हैं।

सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, इलाहाबाद; २२ दिसम्बर, २०१८ ईसवी)

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