कल मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी ने डॉ. आनंद प्रकाश दीक्षित को भारत-भारती सम्मान से सम्मानित किया । मुख्यमन्त्री ने कहा कि जो भी समाज अपनी प्रतिभा के सम्मान को संजोता है, उसका संरक्षण करता है, उसके संवर्धन में अपना योगदान देता है, उसका भविष्य भी उज्ज्वल होता है ।
साहित्य में सबका हित निहित होता है और उसी तरह हम सबका हित छिपा होता है… अपने समाज में, अपनी संस्कृति में, अपने राष्ट्र में । हमारा हित इन्हीं दायरों में निहत होना चाहिए । मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी ने कहा कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बंगाल, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, कश्मीर व देश के अन्य क्षेत्रों से भी साहित्यकार यहां पर आए हैं । यानि पूरे भारत को समेटने का जो प्रयास इस सम्मान समारोह के माध्यम से हुआ है, वास्तव में यही भूमिका हिंदी की होनी चाहिए ।