सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

सेना पर हर नागरिक को गर्व है और उसके अपमान पर राष्ट्र आक्रोशित है

बजरंग दल ने आज कलेक्ट्रेट में गुस्से का इजहार पाक का झण्डा पैरों से रौंद कर किया...

जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर की कृष्णा घाटी में कल भारतीय सीमा में घुसकर पाकिस्तानी सेना और उसकी बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) ने सेना और बीएसएफ के एक-एक जवान परमजीत सिंह और प्रेम सागर की हत्या कर शव क्षत-विक्षत कर दिया था। घटना से खौले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आज कलेक्ट्रेट में गुस्से का इजहार पाक का झण्डा पैरों से रौंद कर किया। बजरंगियों ने पाक के साथ घाटी के पत्थरबाजों और उनके हिमायती मानवाधिकार संगठनों पर आतंक विरोधी कानून के तहत कार्यवाही की मांग की।

प्रदर्शन के बाद बजरंग दल के प्रान्त सह संयोजक अंकुर अवस्थी व जिला संयोजक अभिषेक द्विवेदी और विहिप के प्रान्त उपाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह व विभाग मन्त्री अवनीश द्विवेदी के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट मृत्युंजय राम को राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया। कहा गया है कि घाटी में पत्थरबाजों का मनोबल इस क़दर बढ़ गया है कि जवानों का सामान छीनने के साथ मारपीट की जाती है। श्रीनगर संसदीय सीट के उपचुनाव में पत्थरबाजों का दुस्साहस चरम पर पहुंचा दिया। कल, जब सेना आतंकियों से मुठभेड़ कर रही थी, तब भी पत्थरबाजों ने जवानों पर हमला किया।

सुरक्षा बल जब पत्थरबाजों पर कार्यवाही करते हैं, तो तमाम मानवाधिकार संगठन अमानवियों के समर्थन में आकर, सैनिकों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही को विवश करते हैं। इससे सेना का मनोबल टूटता है और राष्ट्रभक्त नागरिकों की भावना और स्वाभिमान आहत होता है। सेना पर हमला करने वाले महज पत्थरबाज नहीं बल्कि आतंकवादी हैं और उनके साथ आतंकियों वाला सुलूक ही करना चाहिए। साथ ही उनके हिमायती मानवाधिकार संगठनों के विरुद्ध भी आतंक विरोधी कानून के तहत कार्यवाही की जाए।

बजरंग दल ने कहा कि घाटी में जब-जब आपदा आती है, सेना समर्पित होकर सेवा कार्य करती है। बाढ़ में सैनिकों ने अपनी जान गवां कर कश्मीरियों को बचाया। बदले में उन्हें पत्थर और तिरस्कार मिल रहा है। सेना भारत के जन-गण-मन का गौरव और राष्ट्र की अस्मिता की संरक्षक है। सेना पर हर नागरिक को गर्व है और उसके अपमान पर राष्ट्र आक्रोशित है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बजरंगी शामिल रहे।

-अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस