हे राम! देखिए कहाँ… माँ ने जीवित नवजात को फेंका

अंधविश्वास में हुई थी पिता-पुत्र की हत्या

कौशाम्बी। कौशांबी जनपद में हुए पिता-पुत्र के डबल मर्डर वारदात का पुलिस ने सनसनीखेज ख़ुलासा 24 घंटे के अंदर कर दिया हैं। झाड़फूंक करने वाले बबलू ने मासूम की पहले बलि दी। जबकि तांत्रिक के कहने पर पति की हत्या गुलनाज़ ने की थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ़्तार कर न्यायलय में प्रस्तुत किया। जहा से सभी को जेल भेज दिया गया हैं। प्रेसकांफ्रेंस कर पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने पूरे घटना क्रम से पर्दा उठाया। दिल दहला देने वाली यह वारदात पिपरी कोतवाली क्षेत्र के चायल क़स्बे की है।

पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने बताया की आरोपित गुलनाज़ का बहनोई झाड़फूंक करता है। बबलू के साथ मिलकर अक्सर बीमार रहने वाले पति व मासूम बच्चे के अंदर मौजूद भूत-प्रेत को बाहर निकलना चाहती थी। नौशे और गुलनाज़ ने साढू सफदर अली उर्फ बबलू को वारदात के चार दिन पहले ही घर मे बुला लिया था। झाड़फूंक करने वाले सफदर अली अपने साथ पत्नी और बेटे को भी लाया था। उसने चार दिनों तक किसी को भी कुछ खाने नही दिया। झाड़फूंक के लिए उपयुक्त जुमेरात की रात को उसने पहले मासूम अरहाम की नरबलि देकर उसे ज़िंदा करने का दावा किया। फिर गुनलाज़ से नौशे के पेट के अंदर मौजूद शैतान को बाहर निकालने को कहा। पत्नी ने मृतक नौशे के मल द्वार में हाथ डाल कर अंतड़िया बाहर निकाल ली। जिससे नौशे की दर्दनाक मौत हो गयी। तांत्रिक के द्वारा पति और बेटे को दोबारा ज़िंदा नही कर पाने पर बदहवास गुलनाज़ पड़ोसियों को रात में ही बुलाने गयी। इससे घबराकर झाड़फूंक करने वाला सफदर अली, पत्नी और बेटे सहित मौके से फ़रार हो गया। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

कौशाम्बी से एमडी मौर्य की रिपोर्ट

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