चन्द महीनों में ही ढह गयी पञ्चायत घर की कुछ महीनों पूर्व निर्मित बाउण्ड्रीवाल, निर्माण में अनियमितता की खुली पोल

दीपक कुमार श्रीवास्तव-

कछौना (हरदोई) – सूबे की योगी सरकार गांव के विकास के लिए भले ही संवेदनशीलता के चलते लाखों का फंड देकर प्रदेश के गांवों को विकासशील बनाने में जुटी हुई है । लेकिन जिम्मेदार खाऊ कमाऊ नीति के चलते मिलीभगत कर विकास के नाम पर अपनी जेब गर्म करने में मशगूल हैं । निर्माण कार्यों में जिम्मेदारों के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है ।

ताजा मामला हरदोई जनपद के ब्लॉक कछौना की ग्रामसभा पतसेनी देहात के मजरा तेरवा का है । जहाँ कुछ महीनों पहले निर्माण की गई आदर्श पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल बारिश के दौरान ढह गयी । कुछ महीनों पहले ग्राम प्रधान की निगरानी में निर्मित हुई बाउंड्रीवाल के गिरने से जिम्मेदारों के लापरवाह रवैये और खाऊ कमाऊ नीति की हकीकत उजागर हो गई है।

बताते चलें कि डीएम पुलकित खरे के निर्देश पर जनपद कि सभी ब्लाकों की ग्राम सभाओं में आदर्श पंचायत घरों का निर्माण कराया गया था । आदर्श पंचायत घरों का निर्माण ग्राम प्रधानो के द्वारा कराया गया था । जिसके लिए कई ग्राम प्रधानों को जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा सम्मानित किया गया था । विकासखंड कछौना की ग्रामसभा पतसेनी देहात के गांव तेरवा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्थित आदर्श पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल का निर्माण कुछ महीनों पूर्व ग्राम प्रधान शिवपाल वर्मा की देखरेख में कराया गया था । बताया जा रहा है कि बाउंड्रीवाल के निर्माण में गुणवत्ता विहीन घटिया सामग्री (मसाला) का प्रयोग किया गया, जिसके चलते कुछ महीनों पूर्व ही निर्माण की गई बाउंड्रीवाल गिरकर धराशायी हो गई ।

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन में दबंगों का कब्जा है । गाय-भैंस बांधने से लेकर पिपरमिंट उद्योग का सामान रखकर पंचायत भवन को तबेला बना दिया गया है । वही ग्रामसभा के प्रधान शिवपाल वर्मा ने फोन पर बातचीत के दौरान बाउंड्रीवाल का निर्माण गुणवत्ता व मानकविहीन होने की बात को सिरे से नकारते हुए, बारिश से हुए मिट्टी कटान को बाउंड्रीवाल गिरने की वजह बताया और शीघ्र ही पुनर्निर्माण की बात कही । इस संबंध में खंड विकास अधिकारी कछौना से उनके मोबाइल नंबर 9454465376 पर बात करने का प्रयास किया गया पर उनका मोबाइल नंबर लगातार बंद बताता रहा ।

फिलहाल कुछ भी हो मगर ग्रामीण अंचलों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगाती इस घटना ने जिम्मेदारों की लापरवाही और प्रशासन की पोल खोल कर रख दी है । सरकार भले ही विकास के दावे कर रही हो मगर जिम्मेदार सरकार की मंशा को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं ।

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