सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

वित्‍त विधेयक 2017 पारित

पहली जुलाई से आयकरदाताओं को अपने आयकर रिटर्न में आधार नम्‍बर का उल्‍लेख करना अनिवार्य

आज लोकसभा ने वित्‍त विधेयक 2017 पारित कर दिया। इससे केन्‍द्र सरकार के मौजूदा वित्‍त वर्ष 2017-18 के बजट प्रस्‍तावों को अमल में लाया जा सकेगा। वित्‍तमंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में बताया कि इस नये विधेयक में नकदी लेन-देन की सीमा  को तीन लाख से घटाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है।

डिजिटल इकोनॉमि प्रोत्‍साहित हो और कैश डिसकरेज हो, मैने बजट में प्रस्‍तावना की थी कि तीन लाख से ज्‍यादा कैश ट्रांजेक्‍शन नहीं हो सकता।  उसको संशोधन के माध्‍यम से अब दो लाख रूपया हम लोग कर रहे हैं। वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने विधेयक में 40 संशोधन पेश किए थे। इसके अलावा पहली जुलाई से आयकरदाताओं को अपने आयकर रिटर्न में आधार नम्‍बर का उल्‍लेख करना अनिवार्य होगा। जुलाई से पहले पैन नम्‍बर के साथ आधार नम्‍बर भी जुड़वाना होगा। वित्‍त मंत्री ने विपक्ष की शंकाओं का निवारण करते हुए कहा कि आधार कार्ड के प्रयोग से कर चोरी और धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। यूनीक आइडेंटिटि अपने आप में एकमात्र कार्ड हो जाये, दुनिया के देशों में है ऐसी स्थिति और इसलिये आधार कार्ड में मिसयूज़ होना, क्‍योंकि उसमें बायोमैट्रिक डीटेल्‍स हैं की संभावना बहुत कम हो जाती है उस टैक्‍नोलॉजी की वजह से।  तो टैक्‍स इमेजन और फ्रॉड को रोकने के लिये उसका प्रयोग किया जाये इसको लेकर हाहाकार होने की गुंजाइश कहां है।  यह एंटी इवेजन मेजर है और देश के हित में मेजर है। श्री जेटली ने कहा कि कृषि को आयकर दायरे में नहीं लाया जाएगा। नोटबंदी पर श्री जेटली ने कहा कि यह कदम कर चोरी रोकने के लिए राष्‍ट्र हित में उठाया गया था। उन्‍होंने सभी दलों से राजनीतिक पार्टियों को दिए जाने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए सुझाव देने का भी आग्रह किया है।