मतदान आपकी जिम्मेदारी, ना मज़बूरी है। मतदान ज़रूरी है।

एक पखवारे से तड़प-तड़पकर मरने को विवश गोवंश का किया गया प्राथमिक उपचार

कछौना, हरदोई। शासन द्वारा गौवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं, तुरंत प्रशासन की खाऊ कमाऊ नीति के चलते गौवंशों की दुर्दशा दयनीय है।

वर्तमान समय में कृषि कार्य का आधुनिकीकरण होने के कारण गौवंशों की उपयोगिता की कमी के चलते पशुपालकों ने अपने गौवंशों को छुट्टा छोड़ दिया है। किसानों ने छुट्टा जानवरों से अपनी फसल को बचाने के लिए खेतों में ब्लेड वाले तार लगा रखे हैं। छुट्टा गौवंश आए दिन सड़क दुर्घटना व ब्लेड वाले तारों की चपेट में आने से गंभीर घायल हो रहे हैं। इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर मरने को विवश है।

नगर पंचायत कछौना पतसेनी के बाद नंबर 6 में एक पखवारा से सचिन के घर के पास मैदान में एक गौवंश का ब्लेड वाले तार से गर्दन का हिस्सा कटा होने के कारण घायल अवस्था में पड़ा है। जिसे कटे मांस को कुत्ते व कौवे नोच नोच कर घायल कर रहे हैं। इस बेदना से बेजुबान पशु तड़प तड़प कर मरने को विवश है। स्थानीय नागरिकों ने इस घायल गौवंश की सूचना पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ० रामेन्द्र सिंह को दी। उन्होंने टीम भेजकर घायल गौवंश का प्राथमिक उपचार कराया। अपर जिला अधिकारी बंदना द्विवेदी ने अधिशासी अधिकारी रेणुका यादव को कड़ा निर्देश दिया। जिन पशु पालकों ने आवारा गौवंशों को छोड़ा है, उन्हें चिन्हित करके कड़ी कार्यवाई करें। छुट्टा गौवंशों को गौ-आश्रय स्थलों में बंद कराएं। घायल पशु को तत्काल गौशाला में समुचित उपचार के लिए प्रवेश दिलाएं। कोई गौवंश सड़क पर नजर नहीं आना चाहिए।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता