सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

नगर की भूमि पर लगे सूचना बोर्ड बीती रात तोड़े जाने पर नगर पंचायत ने अज्ञात लोगों पर दर्ज कराया मामला

कछौना, हरदोई। नगर पंचायत कछौना पतसेनी में विभागीय अधिकारियों की उदासीनता व भू माफियाओं के कानूनी दांवपेचों के चलते धीरे-धीरे सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। जिससे भविष्य में नगर के विकास के लिए सार्वजनिक भवनों के निर्माण के लिए भूमि नहीं मिलेगी। वही नगर की जल निकासी की समस्या खड़ी हो जाएगी।

बताते चलें नगर पंचायत कछौना पतसेनी में सार्वजनिक भूमि तालाबों, खेलकूद मैदान, स्कूल की भूमि, खलियान, मंडी समिति की भूमि, गौ- आश्रय स्थल, जंगल झाड़ी आदि पर धीरे-धीरे भू माफियाओं द्वारा कब्जा किया जा रहा है। यह भूमाफिया कानूनी दांव पेंच कर भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। कस्बे के दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्र किराए पर चल रहे हैं। भविष्य में केंद्रों के निर्माण हेतु भूमि का संकट खड़ा हो जाएगा। कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर हेतु दूसरी ग्राम सभाओं की भूमि का चयन किया जा रहा है। एमआरएफ सेंटर न बनने के कारण कूड़ा निस्तारण के लिए आई लाखों रुपए की धनराशि डंप पड़ी है। नगर में छुट्टा गौवंशों की समस्या के निराकरण हेतु वृहद गौशाला के निर्माण हेतु भूमि नहीं मिल रही है। जिससे वृहद गौ-संरक्षण केंद्र के लिए आवंटित धनराशि लाखों रुपए डंप पड़ी है। जिससे कस्बे वासियों को छुट्टा गौवंशों की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। छुट्टा गौवंशों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा होता है। दर्जनों सार्वजनिक भूमि के गाटा संख्या पर अवैध कब्जा कर बिक्री हो गई है। यहां तक तालाबों की नवैयत बदलकर व तालाबों पर प्लाट की बिक्री कर आवास बन गए हैं।

पूर्व अधिशासी अधिकारी के रेणुका यादव द्वारा सार्वजनिक भूमि को चिन्हित कर उन स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए थे। जिस पर गाटा संख्या सहित दर्ज थे। भूमिका का चिन्हीकरण किया गया था। बीती रात अज्ञात लोगों ने गाटा संख्या 2030 बंजर भूमि, 1714 आबादी व 1793 बंजर भूमि पर लगे बोर्ड का कब्जा करने की नियत से अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ दिए गए। जिस पर अधिशासी अधिकारी राम बदन यादव ने पूरे मामले की सूचना प्रभारी निरीक्षक कछौना को दी। उप जिलाधिकारी के निर्देश पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 427 पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। नगर पंचायत के इस कदम से भू माफिया में हड़कंप मच गया है।