लेखपाल को शराब पिलाकर बनाया गया था वीडियो, चार पर आरोप तय और दो गिरफ़्तार

बदायूं: जुलाई में गुलड़िया में तैनात लेखपाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व डीएम दिनेश सिंह को लेकर की गई अशोभनीय टिप्पणी के मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच में पता चला कि चार लोगों ने ब्लैकमैकिंग के इरादे से शराब पिलाने के बाद लेखपाल को उकसाया और उसी के घर पर उसका वीडियो बना लिया। बाद में चारों आरोपितों ने लेखपाल से 50 हजार रुपए की पेशकश की थी। मना करने पर आरोपियों ने लेखपाल का वीडियो वायरल कर दिया। पुलिस ने चार लोगों के नाम विवेचना में शामिल कर दो को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

मामला मूसाझाग थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। सिविल लाइंस के लेखपाल शिव सिंह की गुड़लिया गांव में तैनाती थी। 22 जुलाई 2019 को एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें लेखपाल ने उसके घर आए लोगों से आय व जाति प्रमाण पत्र आदि में सुविधा शुल्क की मांग की थी। इस पर जब लोगों ने डीएम से शिकायत की बात कहीं तो उसने डीएम समेत प्रधानमंत्री को अशोभनीय शब्द कह दिए थे। वीडियो वायरल होने पर डीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया था। बाद में मूसाझाग थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद लेखपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक उझानी कोतवाल विनोद चाहर सिंह ने जांच शुरू की तो मामला कुछ और ही था। मूसाझाग थानाध्यक्ष ललित कुमार भाटी ने विपिन कुमार और जगवीर को गिरफ्तार कर एक मोबाइल भी जब्त किया है। वहीं पुलिस ने दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

उझानी कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने मुकदमे की विवेचना की थी। विवेचना के दौरान वीडियो बनाने वाले चार लोगों नाम प्रकाश में आए। जिन्होंने ब्लैकमैकिंग के मकसद से लेखपाल की वीडियो बनाई थी। दो को गिरफ्तार कर कार्रवाई की गई है। दो की तलाश चल रही है।

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