पुलिस की मौजूदगी में हुआ विमलेश का अंतिम संस्कार

कछौना हरदोई– थाना क्षेत्र के गांव खन्नाखेडा में बालक राम के पुत्र विमलेश 30 की मौत के बाद से सन्नाटा पसरा है । बुधवार को शव पोस्ट मार्टम हाउस से वापस आते ही गांव कोहराम मच गया । हर कोई पुलिस के बर्बरता पूर्ण रवैये की निंदा कर रहा है ।
बताते चले कि मंगल वार को उक्त युवक का शव शारदा नहर के किनारे शीशम के पेड़ से लटकता पाया गया था । मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसके पुत्र को पुलिस ने लखनऊ हरदोई मार्ग पर एक ढाबे से पकड़ कर हवालात में बिना गुनाह के बंद रखा था । दूसरे दिन सुबह काफी मिन्नतों के बाद छोड़ा था और बाइक सीज कर दी थी । खास बात यह है कि 18 दिन पुरानी नई बाइक को बिना कागज के सीज किया गया है । युवक बाइक गांव के ही सुखपाल से मांग कर एक निजी अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को देखने आया था । मृतक के परिजनों व ग्रामीणों का एक सुर में कहना है कि पुलिस यदि प्रताड़ित न करती तो युवक फांसी नहीं लगाता । बुधवार को उप निरीक्षक अवधेश पांडेय व कांस्टेबल आकाश ने गांव जाकर मृतक का अंतिम संस्कार कराया । इस दौरान लगभग पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले । पत्नी व परिवारीजनों का रो-रो कर बुरा हाल है । सभी का कहना है कि जब उसने कोई अपराध भी नहीं किया था तो रात भर हवालात क्यों रखा गया ? इसका जवाब कछौना पुलिस के पास नहीं है ?

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