13 वर्षीय दलित छात्रा से गैंगरेप, पीड़िता सहित परिजनों को एसओ हरियावां ने थाने से भगाया

  • घर में भाई के साथ अकेली थी नाबालिग ।
  • पीड़िता की मां थी अस्पताल में भर्ती ।
  • शोर मचाने पर धमकी देते हुए भाग गए आरोपी ।
  • मां वापस आई तो पीड़िता ने सुनाई आपबीती ।
  • भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा ।

                    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह पुलिस को चुस्त दुरुस्त करने के तमाम दावे कर रहे हैं लेकिन स्थानीय थाने की पुलिस अपनी आदतों से बाज नहीं आ रही है। ताजा मामला हरदोई जिला का है यहां शौच के लिए गई एक कक्षा 5 की किशोरी के साथ गांव के ही 2 युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया। किसी तरह किशोरी ने शोर मचाया तो गांव के लोग दौड़े, तब तक आरोपी मौके से भाग गए। इस संबंध में पीड़िता का पिता थाने पहुंचा तो पुलिस ने पीड़ितों को थाने से भगा दिया। पीड़ित परिवार जब विधायक और सांसद के पास गया तो उनके यहां से थाने पर फोन किया गया फिर भी पुलिस ने एक ना सुनी। भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया। पीड़ित किशोरी का बाप एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी रोजाना थाने जाते हैं और वापस चले जाते हैं, लेकिन थाने की पुलिस उन पर कार्रवाई करने से दूर भाग रही है।
                 जानकारी के मुताबिक, हरियावां थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक महिला का विवाह कुछ साल पहले एक युवक के साथ हुआ था। इस युवक की दो संताने इनमें एक बेटा और एक बेटी है। शादी के कुछ साल बाद महिला के पति की मौत हो गई। इसके बाद महिला ने गांव के ही रहने वाले दूसरे युवक के साथ शादी कर ली। शादी के बाद महिला फिर से गर्भवती हुई और 1 फरवरी को उसे प्रसव पीड़ा हुई। इस दौरान उसके घर वालों ने महिला को सीएचसी पिहानी में भर्ती कराया। घर वाले महिला के पास ही थे घर में उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी और छात्रा का भाई था। शाम को छात्रा शौच करने के लिए गांव से बाहर गई। यहां वह प्राथमिक विद्यालय में सरकारी नल पर हाथ-पैर धो रही थी। तभी गांव के ही दो युवक शाहरुख पुत्र बुद्धा और बब्बे पुत्र अंसार आ गए। पीड़िता का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनवाड़ी के बीच बनी गैलरी में ले गए।
            आरोप है कि आरोपियों ने किशोरी के कपड़े फाड़ दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे मारा पीटा। किशोरी का आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ जबरन बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर उसने शोर मचाया तो गांव के ही रहने वाले राजू पंडित और एक युवक मौके पर बाइक से आए। तब तक आरोपी मौके से भाग गए। इन लोगों ने आरोपियों को भागते हुए भी देखा। परिजनों के मुताबिक, तीसरे चौथे दिन जब वह पत्नी को लेकर घर वापस आये तो बेटी ने अपनी मां को आपबीती सुनाई। बेटी की बात सुनकर घरवालों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। इसके बाद पीड़िता को लेकर घर वाले थाने पहुंचे तो थाने से पुलिस ने पीड़ितों को भगा दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार भाजपा सांसद अंशुल वर्मा और विधायक श्याम प्रकाश से मिला। भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। बताया जा रहा है कि आरोपी रोजाना थाने घर की तरह आकर चले जाते हैं लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती। शनिवार को पीड़ित परिवार अपनी बेटी को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा यहां से पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि हरदोई की लापरवाह पुलिस आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है।

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