डीएम की पहल पर कस्तूरबा विद्यालय के बच्चों को निशुल्क दिखाई गयी फिल्म पैडमैन

               डीएम पुलकित खरे की पहल पर कस्तूरबा विद्यालय के बच्चे हरदोई के एक सिनेमा घर मे चल रहे फिल्म पैडमैन देखने पहुँचे। यह फिल्म बच्चो को निःशुल्क दिखाया गया। मौके पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी भी मौजूद रहे। केजीबी विद्यालय की छात्राएं फिल्म देख काफी उत्साहित हुई।
             पैडमैन फिल्म की कहानी अरुणांचलम मुरुगननांथम की जिंदगी से प्रेरित है। सेनेटरी के आविष्कारक की यात्रा इस फिल्म में दिखाई गई है। वह छोटे से शहर का रहने वाला है। भारत में महिलाओं के लिए सस्ते सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए वह एक सपना देखता है और उसे पूरा करता है। फिल्म में दिखाया गया कि अरुणांचलम को तब बहुत बुरा लगता है जब वह अपने आसपास महिलाओं को सेनिटरी नैपकिन न खरीद पाने की लाचारी को देखता है क्योंकि यह अत्यंत ही महंगे होते हैं। वह सस्ते सेनिटरी नैपकिन बनाने की मशीन बनाने की सोचता है और तब उसके इस विचार का उपहास बनाया जाता है।
           फिल्म में महिलाओं के लिए अहम पर्सनल हाईजीन जैसे विषय को उठाया गया है। बीएसए ने फिल्म को पर्सनल हाईजीन के प्रति जागरुकता पैदा करने की दिशा में अहम कदम बताया। स्कूल की अध्यापिकाओं ने छात्राओं से कहा कि हमें शर्म का पर्दा हटाना होगा। अगर किसी छात्रा को स्कूल में कोई दिक्कत आती है वह टीचर से संपर्क करें। कहा कि यह हमारी बीमारी नहीं है, जिसे हम छुपाएं। उन्होंने छात्राओं को मासिकधर्म को लेकर जागरूक किया।
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