सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

जिम्मेदारों की अनदेखी से ग्रामचौपाल का हाल बेहाल, ग्रामीण भी नहीं कर रहे सहयोग

कछौना (हरदोई): ग्रामीणों की समस्याओं को सरकार अब उनकी चौपाल पर सुलझायेगी। इसके तहत जनता चौपाल का आयोजन हर शुक्रवार को होगा। जिससे विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। पंचायती राज व्यवस्था के तहत गांव की सरकार को मजबूत किया जा सके, परंतु विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते मूल उद्देश्य से कोसों दूर है। अधिकारी केवल फोटो सेंशन कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं।

कछौना की पुरवा गांव में मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया, एक सप्ताह में एक दिन ग्राम सचिव, लेखपाल, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस बल मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर मौके पर निस्तारण करें। जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक दौड़ना न पड़े।

शुक्रवार को ग्राम सभा बालामऊ व गौसगंज में ग्राम चौपाल का आयोजन निर्धारित था। ग्राम सभा बालामऊ में ग्राम चौपाल का आयोजन पंचायत घर में किया गया। जिसमें ग्राम प्रधान आलोक कुमार उर्फ विपिन व ग्राम सचिव राजेश त्यागी ने लोगों की जन समस्याओं को प्रमुखता से सुना।

दूसरी ग्राम चौपाल ग्राम सभा गौसगंज में निर्धारित थी, परंतु वहां विवाद के कारण ग्राम चौपाल केवल खानापूर्ति तक सीमित रही। ग्राम प्रधान हसरतुन निशा ने बताया कि राजनैतिक दबाव के कारण हमें कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। हमारा खाता विभागीय अधिकारी अनावश्यक रोक लगा रखी है। जिससे ग्राम सभा के विकास कार्य काफी दिनों से प्रभावित हैं। ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यो के लिए भटकना पड़ रहा है। एडीओ पंचायत संतोष कुमार ने बताया कि ग्राम सभा के खाते पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।