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नपुंसक सिद्ध होती महाशक्ति!

★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

विश्व की दो महाशक्ति (‘महाशक्तियाँ’ का प्रयोग अशुद्ध है।) :– संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस, ‘नपुंसक’ सिद्ध हो चुकी है। यदि इन दोनों देशों में पौरुष रहता तो तालिबानी ‘अफग़ानिस्तान’ में क़दम तक रखने का विचार करते ही सिहर जाते। ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद्’ की उदासीनता घातक सिद्ध हो रही है। यदि इन दोनों में थोड़ी-बहुत शक्ति चिपकी हो तो उसे बाहर निकालते हुए, यूरोपीय देशों को संघटित (‘संगठित’ अशुद्ध शब्द है।) कर तालिबानियों पर दुर्दान्त आक्रमण करना होगा, अन्यथा ‘आतंक’ का एक नया चेहरा वैश्विक हित को धूल-धूसरित करता दिखेगा। वाइडन (संयुक्त राज्य अमेरिका) और पुतिन (रूसी परिसंघ) के लिए ‘लहँगा और चूड़ी’ पहनकर अपने अति सुरक्षित क़िले में ही घुसे रहना उचित रहेगा।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २२ अगस्त, २०२१ ईसवी।)