कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

गुंडों से आहत मां-बेटी को मिला मदद का भरोसा

हरदोई- सांडी थाना क्षेत्र के गांव में गुंडों से आहत मां-बेटी ने पुलिस में अपनी सुनवाई न होती देख धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। गांव के गुंडों के कहर से परेशान मां-बेटी को घर से निकलना तक दूभर है। लेकिन पुलिस उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। हालांकि शनिवार को बिलग्राम एसडीएम ने उनको मदद का भरोसा दिया है।       

थाना क्षेत्र के गांव पिंडारी गांव निवासी शर्मा देवी अपनी 13 वर्षीय बालिका शानू के साथ धरने पर बैठने को इसलिए मजबूर हो गई क्योंकि दोनो को गांव के युवकों ने इतना परेशान कर दिया कि घर क निकास तक बंद कर दिया गया। दोनो का कहना है कि गांव किनारे गरीबी में गुजर-बसर करने के लिए मजदूरी करके एक-एक पैसा एकत्र कर पक्की दीवार बनाकर छप्पर डाला। जिसके नीचे महिला 13 वर्षीय बच्ची के अलावा 10 वर्षीय पुत्र आवेश, अनुकेश (5) के साथ रहती है। पति मजदूरी करते हैं। बता दें कि उसके घर के सामने निकास में ग्राम समाज की जंगली जमीन है। जिसको कब्जाकर गांव के ही रामभरोसे, मूलचन्द्र, बालेश्वर ने मकान बनवा लिया। जिससे महिला के घर का रास्ता बिल्कुल बंद हो गया है। महिला का ता यहां तक कहना है कि आरोपी उसको व उसकी बेटी को बुरी नीयत से देखते हैं। इसके साथ ही एक आरोपी की पत्नी खुद को आशा बहू होने की धौंस दिखाकर उसके पति पर अश्लील धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देती है। महिला ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत कई बार इलाकाई पुलिस से की। लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यह भी बताया कि उसने तहसील दिवसों में अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पूरे घर का निकास गांव के गुंडों ने बंद कर रखा है। इसके लिए शुक्रवार को मां बेटी ने धरना प्रदर्शन कर नगर मजिस्ट्रेट को एक शिकायती पत्र सौंपा। समाचार पत्र ने भी उसकी मांग को प्रमुखता से उठाया। जिसको संज्ञान में लेते हुए शनिवार को एसडीएम बिलग्राम ने दोनो को बुलाकर आरोपियों पर कार्रवाई व घर के लिए रास्ता दिलवाने का भरोसा दिया है।