गुरु नानक जयंती विशेष : ईश्वर एक है

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’


सिखों के प्रथम गुरु थे गुरु नानक देव। इन्हें बाबा नानक और नानकशाह नामों से भी सुमिरण किया जाता है।लद्दाख व तिब्बत में इन्हें नानक लामा भी कहा जाता है। गुरु नानक देव दार्शनिक समाज सुधारक, कवि,देशभक्त, और विश्व के सभी मानवों को अपना भाई समझते थे। बहुत से लोग उन्हें सूफी संत भी मानते थे। इतिहासकार बताते है कि वे सूफी कवि भी थे।

नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा 15 अप्रेल 1469 में हुआ था। ननकाना साहब पंजाब में उनका जन्म हुआ।इनकी जीवन संगिनी बीबी सुलखनी थी। जन्म स्थल रावी नदी के किनारे तलवंडी नामक गाँव था। इनके पिता कल्याण चन्द थे। माता तृप्ता देवी थी। तलवंडी का नाम आगे चलकर ननकाना साहब हो गया। इनकी बहन का नाम नानकी था। बचपन से ही आप प्रखर बुद्धि वाले थे।। सांसरिक विषयों से आप उदासीन रहा करते थे जब ते सात आठ साल के ही थे । इन्होंने अपने गुरुजी से आध्यात्मिक प्रश्न किये । आखिर इनसे गुरुजी भी हार गए। गुरुजी ने सम्मान के साथ इन्हें घर छोड़ दिया।

तत्पश्चात वे अपना सारा समय सत्संग व अध्यात्म चर्चा में बिताने लगे। बचपन मे कई दिव्य घटनाएं हुई जिसके कारण लोग इन्हें दिव्य व्यक्तित्व मानने लगे। इन्हें राय कहकर पुकारा जाने लगा। सोलह वर्ष की उम्र थी आपका विवाह हुआ। 1507 में नानक अपने परिवार को छोड़कर मरदाना, लहना,बाला, रामदास के साथ तीर्थयात्रा के लिए निकले। ये चारों घूमकर उपदेश करने लगे। 1521 में इन्होंने तीन यात्रा चक्र पूर्ण किए। भारत , अफगानिस्तान, फारस और अरब देशों का भ्रमण किया। इन यात्राओं को पंजाबी में उदासियाँ कहा जाता है।

इनके उपदेश का सार था। ईश्वर एक है।उसकी उपासना हिन्दू,मुसलमान दोनों के लिए है। मूर्तिपूजा,बहुदेवउपासना को ये अनावश्यक कहते थे। इसीलिए दोनो धर्म के लोग इनके विचारों सर प्रभावित हुए।

इनकी रचनाएँ गुरु ग्रंथ साहिब में सम्मिलित है। 974 शब्द , 19 रागों में। गुरुबानी में शामिल हैं। सूफी कवि नानक देव ने कई कविताएं लिखी। कोमल ह्रदय, प्रकृति प्रेमी नानक ने एकात्म होकर जो अभिव्यक्ति की वह निराली है। उनकी भाषा पानी की तरह बहती थी। आपने फारसी, मुल्तानी,पंजाबी, सिंधी,खड़ी बोली,अरबी के शब्दों से अपनी काव्य रचनाएँ की। संत साहित्य में उन्होंने नारी को पूर्ण समान दिया। तत्कालीन राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक स्थितियों का उनके साहित्य में चित्रण मिलता है।

गुरु नानक देव ने कहा था जीवो को मत सताओ। एक ईश्वर के नाम का सुमिरण करो क्योंकि ईश्वर एक है।


राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”
कवि,साहित्यकार
श्रीराम कॉलोनी भवानीमंडी
जिला झालावाड़ राजस्थान

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