सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

यहाँ पुलिस और प्रशासन करा रहा है ड्रग्स का कारोबार?

रिपोर्ट- हरिश्याम बाजपेयी-  


जनपद के कई स्थानों पर ड्रग्स का बड़े पैमाने पर कारोबार किया जा रहा है। सांडी में स्मैक भले ही चोरी छुपे बेंची जाती हो, पर बघौली थाना क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोर खुलेआम ड्रग्स का व्यापार कर रहे हैं। लंबे अरसे से चल रहे इस कारोबार से क्षेत्र के भारी तादात में युवा ड्रग्स के शिकार हो चुके है। नशीली दवाईयां बिकने की वजह से कई घरों में कलह मची हुई है तो कई स्थानों पर मेडिकल स्टोर संचालकों से झगड़े की नौबत आ जाती है, पर ड्रग्य की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लग सका है। द टेलीकास्ट की पड़ताल में पता चला है कि ग्रामीण इलाकों में स्थित अहिरोरी व बघौली के मेडिकल स्टोर पर अन्य दवाइयों की अपेक्षा टिंचर व नशीली दवाएं ज्यादा बिकती हैं। इन दवाईयों के प्रयोग से लोग कम पैसे में भरपूर नशे का लुफ्त उठाते हैं, पर हैरत वाली बात ये है कि जिसे भी इन दवाओं का चश्का लग जाता है, वो कभी छूटता नहीं है। जिससे मेडिकल स्टोर संचालकों के ग्राहकों में इजाफा होता है, और जमकर कमाई करते हैं। ऐसा भी नहीं है कि पुलिस या सम्बंधित विभाग को इसकी जानकारी नही है। कई सालों से लगातार मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा बाकायदा पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के क्षेत्रीय निरीक्षक को मुह बंद रखने की रकम दी जाती है। सूत्रों से ये भी पता चला है कि जब कभी मेडिकल स्टोर संचालकों एवं विभागीय अधिकारियों के मध्य बात बिगड़ती है तो समाजवादी पार्टी से जुड़े बघौली के एक स्थानीय नेता सेटिंग कराने का काम करते हैं। पर जो लोग नशे की गिरफ्त में आकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं उनकी फ़िक्र न तो औषधि विभाग करता है और न ही नेता जी। अहिरोरी के एक युवा ने द टेलीकास्ट को नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि उसके गांव में खुलेआम मेडिकल स्टोर संचालक ड्रग्स बेंचते हैं। गांव और आसपास के भारी संख्या में लोग मेडिकल स्टोर पर ऐसे इकठ्ठा होते हैं जैसे शराब के ठेके पर भीड़ जुटती है। जो लोग नशे का सेवन करने के आदि हो चुके हैं उनके परिवार और मेडिकल स्टोर संचालक के मध्य आये दिन झगड़ा होता है। ड्रग्स बेंचने के विरोध में कई बार शिकायत की गयी, पर सुनने वाला कोई नहीं।