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उच्च कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए घरेलू नुस्खे

फाइबर युक्त आहार लें:-
अपने आहार में हाई फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ, जैसे ओट्स, सेब, नाशपाती और राजमा आदि को बड़ी मात्रा में शामिल करें। फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर कम होता है और एचडीएल का स्तर बढ़ता है। कॉफी का सेवन कम करें।

नियमित व्यायाम करें:-
हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या होने पर या इससे बचने के लिए सप्ताह में कम से कम 5 दिन तेज व्‍यायाम अवश्य करना चाहिये। नियमित व्यायाम करने से कोलेस्‍ट्रॉल का स्तर कम होता है और हृदय से संबंधित बीमारियां दूर रहती हैं।

संतृप्त वसा करें कम और ट्रांस फैट बिल्कुल न लें:-
यदि आपके कोलेस्‍ट्रॉल का स्तर उच्च है तो कुछ चीजें जैसे, अंडे का पीला भाग, तला भोजन, वसा युक्त दूध व इससे बने उत्‍पाद तथा फैटी मीट आदि को पूरी तरह त्यागना होगा। क्‍योंकि यह चीजें आपके खराब कोलेस्‍ट्रॉल को और बढ़ा सकती हैं। रोज केवल 20 ग्राम तक संतृप्त वसा ही लें।

शराब के सेवन को सीमित करें:-
वैसे तो शराब न ही पियें तो बेहतर होगा, लेकिन ध्यान रहे कि पुरुषों के लिये शराब की सीमित मात्रा दिन में एक या दो पेग व महिलाओं के लिये दिन में केवल एक पेग है। यदि इससे ज्‍यादा शराब पी जाए तो शरीर में वसा जमने लगेगा और कोलेस्‍ट्रॉल का स्तर बढ़ जाएगा।

मोटापे को दूर भगाएं:-
मोटापा एक नही अनेकों बीमारियों का कारण बनता है। यह कोलेस्‍ट्रॉल का स्तर भी बढ़ा देता है। इसलिए यदि आपका वजन बहुत अधिक हो तो उसे कम करें, खासतौर पर अपनी कमर की चर्बी को । इसके लिये स्‍पोर्ट, एरोबिक्‍स क्‍लास या जिम आदि की मदद ले सकते हैं।

पालक खाएं:-
ढेर सारा पालक खाएं, खासतौर पर पत्तेदार सब्जियों के मौसम में। पालक के साग में कई फ्लेवनॉइड तत्‍व पाये जाते हैं जिससे कैंसर, हार्ट की बीमारियां और ऑस्टियोपोरोसिस से आदि से बचाव होता है। रोजाना लगभग आधा कप पालक खाने से हार्ट अटैक की आशंका भी कम होती है।

योग और ध्यान करें:-
कुछ शोधकर्ता बताते हैं कि तनाव व दबाव की स्थितियों में आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त करने पर भी एचडीएल स्तर कम होता है। वहीं जो लोग विपरीत स्थितियों में अपने क्रोध को नियंत्रित करने में सक्षम होते हैं, उनका एचडीएल स्तर अच्छा रहता है। तो योग करें और ओम शांति शांति का जाप करें। साथ ही समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लें और समय से अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करते रहें।

धूम्रपान को कहें ना:
धूम्रपान न सिर्फ उच्च कोलेस्ट्रॉल बल्कि कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। इससे धमनियों की अंदर की परत नष्‍ट होने लगती है। धूम्रपान से कार्सीनो‍जेन और काबर्न मोनो ऑक्‍साइड खून में तेजी से कालेस्‍ट्रॉल का स्तर बढ़ा देते हैं। धूम्रपान से बेड कोलेस्‍ट्रॉल का स्तर कम और गुड कोलेस्‍ट्रॉल का स्तर घटने लगता है।

योगाचार्य दीपक कुमार गुप्ता
योग/आहार विशेषज्ञ

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