रामलला श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मन्दिर हेतु हुआ भूमि पूजन

जरूरत पड़ी तो मैं बन्दूक भी उठाऊँगी– ऋचा दुबे

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

आज (१० जुलाई) विकास दुबे के अन्त्येष्टि संस्कार के समय उसकी पत्नी ऋचा दुबे मीडियाकर्मियों के प्रश्न करने पर बरस पड़ी—-
“तुम सबने मिलकर मेरे पति को मरवा दिया। जिसने जैसा किया है, उसे मैं वैसा ही परिणाम दूँगी। जरूरत पड़ी तो मैं बन्दूक भी उठाऊँगी।”

एक पत्नी का आक्रोशपूर्ण कथन स्वाभाविक है। अन्तत:, विकास दुबे ऋचा का पति था। उस भावपूर्ण परिवेश में पति-पत्नी के अन्तरंग सम्बन्धों की स्मृतियाँ जीवन्त हो रही होंगी। ऐसे में, मीडियाकर्मियों के लिए देश-काल उचित नहीं था कि वे शोकाकुल वातावरण में एक पतिविहीना से प्रश्न करें।
मीडियाकर्मियों को अपना चरित्र बदलना होगा। पहली ओर, धू-धू करके विकास दुबे की चिता जल रही थी और दूसरी ओर, मीडियाकर्मियों की गिद्धदृष्टि एक विधवा से अपने प्रश्नों के उत्तर पाने के लिए उस पर टिकी हुई थी। यह मीडियाकर्मियों का एक प्रकार का अमानवीय चरित्र-प्रदर्शन है। उन्हें इसमें सुधार करना होगा।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १० जुलाई, २०२० ईसवी)

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