सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

इन्हें पहचानों यह नफरत के सौदागर हैं

सुधान्शु बाजपेयी (युवा पत्रकार/चिन्तक)

सहारनपुर में दलितों पर हमला दुखद है, उसके आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए । परन्तु भीम आर्मी को समर्थन करने वाले अधिकांश लोग केवल अपनी नफरत की दुकानदारी बढ़ाना चाहते हैं । एक दलित मित्र ने बताया की पश्चिम में दलित आर्थिक रूप से समृद्ध हैं तो वह मोर्चा ले सकते हैं परन्तु अवध से लेकर पूरब तक यह आग अगर भड़की तो दलितों को ही सबकुछ गवाना गवांना है। तब यह कौन लोग हैं जो दलितों को बिना स्थिति के ही युद्ध में झोंक देना चाहते हैं। इन्हें पहचानों यह नफरत के सौदागर हैं इन्हें आपके लाभ हानि से नहीं अपनी दुकानदारी से मतलब है। आइये नफरत छोड़ें ,भेदभावरहित-समानता आधारित समाज बनाने के लिए जो लोग भी आगे आ रहें हैं,उन सबका जाति निरपेक्ष रूप से इस मुहीम में स्वागत करें।