मानस सम्मेलन में बताया रामायण का महत्व

रामू बाजपेयी-

मूर्तियानगर (हरदोई)- हरदोई के मूर्तियानगर में चल रहे सात दिवसीय मानस सम्मेलन में सोमवार को रामायण का गूढ़ ज्ञान प्रदान किया गया। लखीमपुर से आये हुए मुनेन्द्राचार्य महाराज ने भगवान की कथा और भगवान को अनन्त बताया उन्होंने कहा ईश्वर का न आदि है न अंत वो तो अनन्त है । उन्होंने रामायण में छिपे हुए गूढ़ रहस्यों से लोगों को अवगत कराया और कहा प्रतिदिन रामायण के पढ़ने मात्र से जीव का कल्याण होता है।

कथा व्यास गोविंदाचार्य ने भी अपने प्रवचन में ईश्वर की शक्ति और भक्ति का गुणगान किया । उन्होंने बताया कि ईश्वर की भक्ति योय बिना जीव पशु के समान है। समस्त योनियों में मानव योनि ही सर्वोत्तम है जीव बड़े भाग्य से मानव योनि को प्राप्त होता है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान योय भजन ही जीव के कल्याण एक मात्र सरल उपाय है। इस अवसर पर यजमान छोटे भैया, अनुज, पंकज, गोपाल आदि के साथ-साथ सैकड़़ों भक्त मौजूद रहे।

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