सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

नगरवासियों ने आर्थिक सहयोग से बंदरों को पकड़वाने की चलायी मुहिम

माधोगंज, हरदोई। नगर पंचायत कुरसठ के नगरवासियों ने बंदरों के आतंक से परेशान होकर बंदरों को पकड़ने के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगाई, परंतु शासन प्रशासन से निराशा मिलने के बाद नगरवासियों ने स्वयं बंदर पकड़ने की मुहिम चलायी है।

बताते चलें वर्तमान समय में प्राकृतिक वातावरण जंगल पेड़ पौधे धीरे-धीरे विकास के नाम पर नष्ट हो रहे हैं। आधुनिक मशीनों का प्रयोग से जीव जंतु पशुओं का जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका प्राकृतिक स्थल न मिलने के कारण पशु पक्षी विलुप्त हो रहे हैं । वहीं बंदर, छुट्टा गौवंश आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, बंदरों का जीवन आबादी क्षेत्र के लोगों की कृपा पर निर्भर होने लगा है। धीरे-धीरे बंदरों की संख्या आबादी क्षेत्र में बढ़ने लगी, उन्हें पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण हिंसक होने लगे। कोई व्यक्ति बाजार दुकान से सामग्री थैले में लेकर घर जा रहा हो, उस पर झपट कर छीन लेते हैं। अक्सर बचाव के कारण लोगों को बन्दर काट लेते हैं, बचाव करने से गिर कर चुटहिल हो जाते हैं। घरों में फैले कपड़े उठाकर फाड़ देते हैं। कपड़े बचाने के चक्कर में आय दिन लोग छत से गिरकर असमय मृत्यु के शिकार हो रहे हैं। एक पखवारा पूर्व नगर बेनीगंज में एक युवा बंदरों के हमले में छत से गिरकर हृदय विदारक घटना से मृत्यु हो गई। नगर पंचायत कछौना पतसेनी में एक मासूम बालक की बंदरों के हमले से मृत्यु हो चुकी है। आये दिन काटने की घटना आम बात हो गई है। 

नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में बंदरो की ज्वलंत समस्या बनी है। पूर्व में लोग ग्रामीण क्षेत्र व कस्बे में खाली पड़ी भूमि पर पेड़ पौधे सब्जी की वाटिका लगा लिया करते थे। परंतु बंदरों के कारण अब संभव नहीं है। काफी संख्या में होने के कारण किसानों की फसलें भी प्रभावित होने लगी है। इस समस्या के निराकरण के लिए ग्रामीणों ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, सभी ने बजट का रोना रोकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। नगर पंचायत के लोगों ने इस पीड़ा को सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश त्यागी के समक्ष रखा। उन्होंने शासन प्रशासन को लिखित रूप में पत्र लिखा परंतु उन्हें भी सभी ने निराश किया। उसके बाद नगरवासियों ने कुरसठ विकास मंच का गठन किया। सभी नगर वासियों ने इस समस्या के निराकरण के लिए वार्ता की, वार्ता के दौरान सभी लोगों ने आपस मे आर्थिक सहयोग धनराशि जमा की। बंदरों को पकड़ने वाले ठेकेदार हौलाभई निवासी देहली गेट छाता जिला मथुरा से संपर्क किया। उसके बाद बंदरों को पकड़ने के लिए जिला प्रशासन से स्वीकृत ली। वन विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार को कुछ आवश्यक शर्तो पर स्वीकृत मिल गई। बंदर पकड़ने जाते समय किसी भी दशा में घायल नहीं होना चाहिए। पकड़े गए बंदरो को जिला शाहजहांपुर की खुटार रेंज के जंगल में उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया जाए। 

कुरसठ विकास मंच के अध्यक्ष अशोक पटेल, शिवा, महामंत्री योगेंद्र नाथ, उपाध्यक्ष दीपचन्द्र, कमलेश तिवारी, जगरूप सिंह आदि सभी के सामूहिक प्रयास से पूरे नगर में प्रत्येक परिवार से आर्थिक सहयोग लेकर बंदरों को पकड़वाने के लिए नगर में ठेकेदार की टीम पहुंच गई, लोगों को बंदरों के आतंक से निजात मिलने की उम्मीद जगी। नगरवासी सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश त्यागी व कुरसठ विकास मंच के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।