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अतिक्रमणकारी स्वयं कब्ज़ा हटा लेते हैं तो जुर्माने की कार्यवाही होगी : एसडीएम सदर आशीष सिंह

सदर तहसील अन्तर्गत ग्राम पूरा बहादुर में ज़िला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल द्वारा ग्राम समाज की ज़मीन पर ईंट भट्ठा संचालन और इस दिशा में बेदखली का वाद दायर होने व कब्ज़ा हटाए जाने का निर्देश होने की ख़ासी चर्चा है। जांच में ग्राम समाज की कुल 27 बीघे ज़मीन पर अतिक्रमण किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद तहसीलदार (न्यायिक) की अदालत में बेदखली का वाद पंजीकृत करने के साथ ज़िला पंचायत एएमए और खनन अधिकारी को स्थाई और अस्थाई कब्ज़ा हटाए जाने का निर्देश दिया गया है।

दरअसल, ग्राम समाज की ज़मीन पर अवैध रूप से ईंट भट्ठा संचालन की शिकायत भाजपा नेता राजाबक्श सिंह ने की थी। डीएम शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर सदर एसडीएम आशीष सिंह हरकत में आए और प्रकरण की पड़ताल कराई। जांच में ग्राम सभा की ज़मीन पर चिमनी और ईंट पकाने के आंवा बनाया जाना पाया गया। इसके बाद तहसीलदार (न्यायिक) कोर्ट में बेदखली का वाद लिखा गया। हालांकि, कार्यवाही किस प्रावधान के तहत की गई, इसे लेकर भ्रम की स्थिति रही। कोई राजस्व संहिता की धारा 122बी तो कोई 115सी के तहत वाद दायर होने का दावा करता रहा। जब एसडीएम सदर से बात हुई तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट की।

बक़ौल एसडीएम सदर आशीष सिंह “धारा 122बी और 115सी पुरानी राजस्व संहिता के प्रावधान थे। नवीन राजस्व संहिता में धारा 67 में बेदखली के प्रावधान को सम्मिलित किया गया है। पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल के विरुद्ध धारा 67 के तहत ही वाद दर्ज किया गया है। यदि अतिक्रमणकारी स्वयं कब्ज़ा हटा लेते हैं तो जुर्माने की कार्यवाही होगी। लेकिन, सरकारी मशीनरी को कब्ज़ा हटाना पड़ा तो जुर्माने के साथ हर्जा-खर्चा भी उन्हीं से वसूला जाएगा।”