अखिलेश यादव के बंगले की जांच करने वाले अधिकारी ने ली छुट्टी, जांच फंसी

पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से मिले अखिलेश यादव के सरकारी बंगले 4- विक्रमादित्य मार्ग में तोडफ़ोड़ की जांच करने वाले अधिकारी छुट्टी पर चले गए हैं। उनके छुट्टी पर जाने से यह जांच फंसती दिखाई दे रही है। वहीं अधिकारियों का दावा है कि जांच पूरी होगी और पूरा डिटेल निकाल लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने खाली कराए थे पूर्व सीएम के बंगले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले पिछले दिनों खाली करवाए गए थे। सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा बंगला खाली करने के बाद राज्य सम्पत्ति विभाग ने चार दिन बाद उसे मीडिया के लिए खोला। इसके बाद बंगले में तोडफ़ोड़ और नुकसान की तस्वीरें सामने आई थीं। इस पर काफी हंगामा हुआ तो राज्य सम्पत्ति विभाग ने तोडफ़ोड़ की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी से सहयोग मांगा। इसकी जांच कराई जाने के आदेश दिए गए।

जांच कमेटी में पांच सदस्य, अध्यक्ष ने ली छुट्टी पीडब्ल्यूडी ने तोडफ़ोड़ और नुकसान की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बीती 19 जून को गठित की। मुख्य अभियंता (भवन) सुधांशु कुमार को इसका अध्यक्ष बनाया गया जबकि निर्माण निगम के एमडी, चीफ आर्किटेक्ट और भवन एवं इलेक्ट्रिकल के एक-एक इंजीनियर को शामिल किया गया। कहा जा रहा है कि यूं तो यह टीम पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह की तरफ से गठित होनी चाहिए थी, लेकिन मामला पूर्व सीएम से जुड़ा होने के कारण उन्होंने खुद को इससे दूर रखा। जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला प्रमुख अभियंता नियोजन एवं परिकल्प एके शर्मा देख रहे हैं। वही जाने।


ऐसे कैसे होगी जांच, जब अधिकारी छुट्टी पर हों


जांच की जिम्मेदारी संभालने वाले अभियंता एके शर्मा उसी दिन से मीडिया से मिलने से सचुका रहे थे। वे छुट्टी पर चले गए। दूसरे अधिकारी सुधांशु कुमार 20 जून को स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर चले गए। टीम में निर्माण निगम के एमडी राजन मित्तल को रखे जाने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें अब तक इस तरह का कोई आदेश नहीं मिला। ऐसे हालातो में यह जांच पूरी तौर से बाधित हो सकती है और कोई भी इस जांच को करने को तैयार नहीं होगा।

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