मतदाताओं के मन को समझना बहुत मुश्किल

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

जनवरी में ही मैंने इसी ‘मुक्त मीडिया’ के माध्यम से ‘आम आदमी पार्टी’ के पक्ष में ५५-६०, भा०ज०पा० के पक्ष में अधिकतम १० तथा काँग्रेस के पक्ष में अधिकतम ५ सीटों की घोषणा की थी; किन्तु दिल्ली के मतदाताओं ने ऐसा खेल किया कि मेरी भविष्यवाणी ही ध्वस्त हो गयी। अस्तु किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को भ्रम नहीं पाले रखना चाहिए कि उनकी खींची हुई लकीर/लीक पर ही देश की जनता चलेगी; देश की जनता भी लकीरें खींचना और राजनीतिक दलों को उन पर चलाना जानती है। ऐसे में, उन्हें जनसामान्य के हित में कार्य करना होगा।

नकारात्मक प्रचार ‘आत्मघाती’ होता है, जिसे हमारे मतदाताओं ने सिद्ध कर दिखाया है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ११ फ़रवरी, २०२० ईसवी)

url and counting visits