निरक्षर को साक्षर करना पुनीत कार्य

कछौना (हरदोई): एच०सी०एल० फाउंडेशन की तरफ से निरक्षर पुरुष व महिलाओं को साक्षर करने के लिए गांव स्तर पर प्रौढ़ शिक्षा केंद्र के माध्यम से साक्षर किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में यह एक प्रभावी कदम है। जिससे निरक्षरों को जीवन की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके।

मिली जानकारी के अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार विकासखंड कछौना में 72000 लोग निरक्षर हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना साक्षर भारत मिशन अनदेखी के चलते बंद हो गई है। एच०सी०एल० फाउंडेशन के प्रयास से निरक्षर कलुआ बैंक में हस्ताक्षर करेगा। अब वह सम्मान की जिंदगी जियेंगे। उन्हें अब शिक्षा के अभाव में शर्मिन्दा नहीं होना पड़ेगा। बालामऊ ग्राम सभा में शिक्षा प्लस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षको एवं विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण कर सम्मानित किया गया। परियोजना की मुख्य अतिथि वरिष्ठ निदेशक नवप्रीत कौर ने कहा निरक्षर को साक्षर करना पुनीत कार्य है, उसे सही रूप में इंसान बनाते हैं। जो शिक्षा के माध्यम से अपनी जिंदगी बेहतर तरीके से जीने की कला आती है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गौतम कनौजिया ने प्रशिक्षकों व साक्षरों की हौसला अफजाई की व कहा कि मेरा गांव शीघ्र ही एच०सी०एल० फाउंडेशन के सहयोग से शतप्रतिशत साक्षर हो जाएगा। गांव में कोई निरक्षर नहीं रहेगा। एच०सी०एल० फाउंडेशन के योगेश कुमार ने बताया शिक्षा विकास की मूल है। यह कार्यक्रम कछौना, बेंहदर, कोथावां में संचालित है। अभी तक इस कार्यक्रम से 12000 लोगों को निरीक्षण लोगों को साक्षर किया गया है। इस शिविर में 137 विद्यार्थियों व 57 प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। दत्ता गोखले ने बताया कि शिक्षा शेरनी के समान है, जिसे पढ़कर इंसान दहाड़ता है।

इस अवसर पर अक्षय, राहुल शर्मा, मानवेंद्र सिंह, आशीष सिंह, अनुपमा कौशल (हम) संस्था की निदेशक संदीप साही, आलोक, कोमल, मोनिका, क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के अध्यक्ष रामखेलावन कनौजिया सहित सैकड़ों की संख्या में पुरुष व महिलाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन आशुतोष एवं स्वाति ने बखूबी किया।

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