सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

छात्र हिंसा और अशांति के भंवर में फंसे हुये हैं, यह बहुत त्रासदी की बात है

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय परिसरों में विचारों की आजादी पर जोर देते हुये कहा कि छात्रो और शिक्षकों को अविवेकी संस्कृति के प्रचार की बजाय, तर्कपूर्ण विचार विमर्श और वादविवाद में भाग लेना चाहिये। केरल के कोच्चि में छठवें के एस राजमणि स्मारक व्याख्यान में उन्होंने कहा कि छात्र हिंसा और अशांति के भंवर में फंसे हुये हैं, यह बहुत त्रासदी की बात है । दिल्ली विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वाम समर्थक आइसा के बीच जारी टकराव और बोलने की आजादी तथा राष्ट्रवाद पर छिडी बहस  के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी की है।