कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

वैश्विक महामारी कोरोना को हराने के लिये संपन्न हुआ आनलाइन कवि सम्मेलन

भवानीमण्डी:-( राजेश पुरोहित) अटल काव्यांजलि साहित्यिक समूह सतना के संस्थापक तामेश्वर शुक्ल तारक ने बताया की दिनांक 03 /04/ 2020 को समूह के मासिक स्थापना दिवस पर आद. डॉ . वीरेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आनलाइन कवि सम्मेलन संपन्न किया गया जिसमें राष्ट्र के विभिन्न कोने से आमंत्रित कवि मनीषियों ने कोरोना को हराने का ढृढ़ संकल्प लेते हेतु प्रेरक कविताएँ प्रस्तुत किये|

कवि सम्मेलन की मुख्य अतिथि पूर्व न्यायाधीश मीना भट्ट जी , एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व डी एस पी ,अरुण विज्ञ जी, तथा डॉ. राजेश श्रीवास्तव प्रखर एवं शैलेन्द्र खरे सोम जी रहे| कार्यक्रम का संचालन मंच की सचिव अनीता मिश्रा सिद्धि, अरुणिमा अनमोल , तथा राजेश रमण एवं कृष्ण कुमार दुबे जी द्वारा किया गया |सर्व प्रथम मंच से जुड़ी सभी मातृ शक्तियों द्वारा माँ शारदे की स्थापना , दीप प्रज्वलन एवं पुष्प गुच्छ अर्पण किया गया| तथा प्रमिला श्री तिवारी जी द्वारा माँ शारदे की वंदना की गयी |

कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न कोने से आमंत्रित कवियों ने काव्य पाठ किया जिसमें प्रतिभागी कविगण
रवि रश्मि अनुभूति ,प्रमिला श्री तिवारी ,गीता चौबे ,रामप्रसाद मीना लिल्हारे , धनेश्वरी देवांगन धरा ,शंकुंतला कुंतल ,प्रतीक प्रभाकर ,शिवहरे जी,बृजेश पाण्डेय विभात ,रूणा रश्मि ,डॉ.आदेश कुमार पंकज ,डॉ. वीरेन्द्र प्रताप सिंह भ्रमर ,स्नेह प्रभा पाण्डेय,प्रतिभा प्रसाद कुमकुम,अनीता मिश्रा सिद्धि ,शैलेन्द्र खरे सोम,रेखा पाण्डेय , प्रियंका त्रिपाठी तरंग,उमा झा ,भावना दीक्षित , डॉ. राजलक्ष्मी शिवहरे , संतोष प्रजापति माधव ,रंजना वर्मा, अरुणिमा दुबे अनमोल, राजेश श्रीवास्तव प्रखर, टी. के पाण्डेय ,राज कुमार सिंह राज, राजेश शर्मा पुरोहित,प्रमोद गोल्हानी सरस,अनीता मंदिलवार सपना,पंकज भूषण पाठक प्रियम,सुदीप्ता जेठी राउत,बलवीर सिंह वर्मा,रिपुदमन झा पिनाकी,तामेश्वर शुक्ल तारक, प्रवेश मिश्र, रवि शंकर विद्यार्थी , रीना गोयल, किरण लता वैद्य, गुलशन कुमार साहसी, राजेश तिवारी रमण,रचना उनियाल, खुशीराम बाजपेयी,ऊषा पाण्डेय, निक्की रश्मि शर्मा ,कलावती करवा, मीरा भार्गव,आशीष पाण्डेय जिद्दी ,प्रतिभा पाराशर , मीनू मीनल सूर्य प्रकाश उपाध्याय जी! रहे | और अंत में मंच के सचिव आद. अनीता मिश्रा सिद्धि जी ने आमंत्रित कवियों का आभार व्यक्त करते हुए कवि सम्मेलन के समापन की घोषणा की|