70 साल पुराने मन्दिर में है ये खास बात

  • सेठ के लड़के की बचाई थी फांसी ।
  • प्रत्येक दिन बदलता है शिवलिंग का आकार ।

रामू बाजपेयी-

हरदोई जिले के बावन ब्लाक में स्थित संकटहरण शिव मंदिर अपने आप मे एक खास महत्व रखता है। इस मंदिर में यूँ तो पूरे साल भर ही भक्तों का आवागमन लगा रहता है लेकिन सावन के महीने में यहाँ की शोभा में चार चांद ही लग जाते हैं। हज़ारों की संख्या में भक्तों का तांता पूरे महीने भर लगा रहता है । और सैकड़ों भक्त तो पांचाल घाट फर्रुखाबाद से पैदल काँवर लेकर भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाते हैं।

मन्दिर के इतिहास में जुड़े है कई रहस्य

मन्दिर के मुख्य पुजारी उदय प्रताप गिरी (पप्पू बाबा) का कहना है ये मंदिर तकरीबन 70 साल पुराना है मन्दिर के इतिहास के बारे में उन्होंने बताया कि लगभग 70 वर्ष पहले पड़ोस में पड़ने बाले गाँव बावन के एक सेठ जिनका नाम लाला हीरालाल था इधर से गुजरे पुजारी के मुताबिक वो किसी काम से जा थे और उनके लड़के को फांसी होने बाली थी सेठ यहाँ पर लघुशंका के लिए बैठे तो उन्हें एक छोटी सी शिवलिंग के दर्शन हुए कहते है कि उन्होंने कहा कि अगर इस शिवलिंग के अंदर सच्चाई है तो मेरे लड़के की फांसी छूट जाए और भोलेनाथ की कृपा से उनके लड़के की फांसी बच जाती है तब सेठ ने छोटे से मन्दिर का निर्माण करवाया और मन्दिर का प्रचार प्रसार हुआ धीरे धीरे आज हज़ारो की संख्या में कई जनपदों से भक्त आकर संकटहरण भोलेनाथ के चरणों मे अपना सिर झुकाते है।

पप्पू बाबा ने आगे बताया कि शुरुआत में शिवलिंग ला आकार काफी छोटा था शिवलिंग के आकार में निरन्तर वृद्धि होने कारण अब काफी विशाल हो चुका है।

url and counting visits