बीते 15 सालों से गोपालपुर गाँव में तार विहीन खड़े बिजली के खम्भे, ग्रामीणों में रोष

श्याम कुमार तिवारी         (प्रभारी उन्नाव)
आदित्य त्रिपाठी- प्रबन्ध सम्पादक …..indianvoice24.com…..

रिपोर्ट : आदित्य त्रिपाठी (प्रबन्धसंपादक IV24) / श्याम कुमार तिवारी (प्रभारी उन्नाव)


तमाम सरकारी दावों के बीच कई गांव आज भी नारकीय जीवन जीने को विवश हैं । कहीं सड़कें नहीं तो कहीं सड़कों के ऊपर नालियाँ बह रही हैं । कहीँ बिजली के दर्शन नहीं तो कहीँ बिजली खेतों को वीरान कर रही है । गाँव के शौचालयों के बारे में तो एक जुमला बड़ा मशहूर हो रहा कि प्रधान, सेक्रेटरी और अधिकारी मिलकर शौचालय खाए जा रहे हैं । यह तो ग्रामीण विकास की बानगी भर है । व्यवस्थाओं पर अव्यवस्थाएँ हावी हैं । हरदोई और उन्नाव जनपद की सीमा पर स्थित उन्नाव जिले के विकासखण्ड गंजमुरादाबाद में ग्राम पञ्चायत भिक्खनपुर-गोपालपुर का गाँव गोपालपुर कुछ ऐसे ही दर्द से गुजर रहा है ।

इंडियन वॉयस 24 और टीवी 24 न्यूज चैनल की टीम जब गाँव पहुँची तो गाँव वालों का प्रशासन और शासन के प्रति गुस्सा फूट पड़ा । गाँव के प्रधान राजीव कुमार कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे गाँव गोपालपुर को प्रशासन ने मरा हुआ मान लिया है क्योंकि यदि ऐसा नहीं होता तो 15 सालों से बिजली के खम्भे बिना तारों के नहीं होते और सैकड़ों शिकायतों के बाद भी प्रशासन हमारे साथ सौतेला सुलूक न करता । गाँव के युवा समाजसेवी सुनील कुमार पिछले 2 साल से गाँव में बिजली लाने की लड़ाई लड़ रहे हैं । बात करने पर उन्होंने बताया कि मैंने दर्जनों शिकायतें की हैं । सरकार के जन सुनवाई पोर्टल पर भी मैंने कई शिकायतें दर्ज करायीँ और कई रिमाइंडर डाले लेकिन विद्युत विभाग ने काम न करने की कसम खा रखी है । यहाँ तक कि मैंने बिजली के तारों के लिए मुख्यमन्त्री साहब और ऊर्जा मन्त्री श्रीकान्त शर्मा जी को भी लिखा लेकिन अधिकारियों की मक्कारी और सरकारी उपेक्षा के चलते आज तक कार्य नहीं हो सका है ।

गाँव के दर्जनों लोग हम पत्रकारों को अपने बीच पाकर बिजली पाने की आशा लिए अपनी-अपनी बात कहने लगे । आज जब केन्द्र सरकार से लेकर राज्य की योगी सरकार तक सामाजिक विकास के बड़े – बड़े दावे और वादे कर माहौल बनाने में जुटी है तब उन्नाव के इस गोपालपुर गाँव की सच्चाई बहुत कुछ सोचने पर विवश कर रही है । गाँव वालों का कहना है कि यदि सरकार ने अब गाँव के नंगे खम्भों पर बिजली के तार डलवाकर हमें शीघ्र ही बिजली उपलब्ध न कराई तो हम सभी आमरण अनशन को मज़बूर होंगे ।

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