सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

अवैध खनन बदस्तूर जारी, शासन-प्रशासन बना मूकदर्शक

रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता-


कछौना(हरदोई): कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस व खनन माफिया के गठजोड़ के चलते बड़े पैमाने पर शारदा नहर में बालू खनन व अवैध मिट्टी खनन बदस्तूर जारी है। लगातार शारदा नहर में खनन होने से नहर की पटरी काट दी गई है। जिससे किसानों की फसल डूबने के आशंका बनी रहती है। रात व दिन दोनों समय बेख़ौफ़ बालू खनन होता है। भूलवश कोई मित्र पुलिस को सूचना दे दी तब वह आपका मैसेज खनन माफिया को बता देगी। खनन माफिया अपने प्रभाव व सत्ता बल का दबाव बनाकर आपकी आवाज को बंद कर देगा। एक ट्राली बालू पंद्रह सौ रूपये से लेकर दो हजार रूपये तक बाजार में बिकती है। रात-दिन बदस्तूर खनन से गांवों को जाने वाली सड़कों की तश्वीर खराब हो गई है जो चलने योग्य नहीं रह गई हैं। वहीँ तेज गति से चलने के कारण हमेशा हादसा घटने की आशंका बनी रहती है। पुलिस व खनन माफिया के मजबूत गठजोड़ के चलते यह लाइलाज बीमारी हो गई है। वहीं बिना पर्यावरण की अनुमति व बिना रॉयल्टी के जेसीबी से कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कटियामऊ, रैसों, बघुआमऊ, बेरुआ, सुन्नी आदि स्थानों पर बड़े पैमाने पर खनन होता है जिसका प्रयोग भट्ठा मालिक व इण्डस्ट्रियल क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है। जिम्मेदार सब कुछ जानकर भी मूकदर्शक बने रहते हैं। अवैध खनन खुलेआम होता है। शासन स्तर व सुप्रीम कोर्ट के आदेश इनके लिए कोई मायने नहीं रखता है। वहीं नवागत पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यह हमारे कार्यक्षेत्र में नही आता है, इसके लिए खनन विभाग व राजस्व विभाग जिम्मेदार है। राजस्व विभाग से शिकायत करने पर मामले की जांच कराने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, और वहीं खनन अधिकारी को शायद माहवार चौथ मिल जाती है जो क्षेत्र में गोपनीय तौर पर अवैध खनन की स्वीकृति दे रखी है। जिसके कारण क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को झाँकने नहीं आते हैं तथा जिससे पर्यावरण का जमकर नुकसान हो रहा है।