राजस्थान के वरिष्ठ कवि छगनलाल गर्ग विज्ञ की कृति “विज्ञ छंद साधना” की साहित्यकारों ने की समीक्षा

भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान के वरिष्ठ कवि एवम साहित्यकार छगनलाल गर्ग विज्ञ का छंद काव्य संग्रह”विज्ञ छंद साधना” की समीक्षा संस्थान के मुख्य मंच पर प्रदत्त विषय मे दी गई। संस्थान के साहित्यकारों ने उनकी इस कृति की समीक्षा की।

समीक्षा मीना भट्ट लोकायुक्त व पूर्व जिला न्यायाधीश ने की। उन्होंने कृति के बारे में लिखा कि गर्ग साहब की काव्य रचनाएँ मन को मोह लेती है। मनोमस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ती है। इस काव्य संग्रह में जीवन के अध्यात्म के हर पहलू को स्पर्श करती रचनाएँ श्रेष्ठ लगी। रचनाओं का भाव पक्ष व कला पक्ष दोनों समृद्ध हैं। इस कृति में कई प्रकार जे छंद हैं चोपाई व सवैया हैं। यह काव्य संग्रह बड़ी मेहनत व लगन साधना का परिणाम है । नवोदित रचनाकारों के लिए यह कृति उपयोगी है।

साहित्य संगम के अन्य रचनाकारों ने भी इस कृति की समीक्षा की उनमें प्रमुख हैं गुणवती गुप्ता, डॉ. अरुण श्रीवास्तव अर्णव,सुनील कुमार अवधिया मुक्तानिल, नीलिमा तिग्गा, रवि रश्मि अनुभूति,राजवीर सिंह मन्त्र, हरीश विष्ठ, इन्दु शर्मा शचि डॉ. राजलक्ष्मी शिवहरे, रामावतार निश्छल, शिवकुमारी शिवहरे, पण्डित रामजस त्रिपाठी नारायण आरती डोगरा,।