बाढ़ से पूर्व की तैयारियों के सम्बन्ध में सेना, सहित अधिकारियों के साथ की गई बैठक 

जनपद की दो तहसीलो में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में आने वाले गांवो एवं ग्रामवासियों को हर सम्भव सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आज कैम्प कार्यालय में जिलाधिकारी पुलकित खरे की अध्यक्षता में सेना, जिला स्तरीय अधिकारियों एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की सवायजपुर एवं बिलग्राम तहसीलो के कई गांव गंगा एवं गर्रा नदियो में होने वाली बाढ़ से प्रभावित होते है। उन्होने बाढ़ से पूर्व की तैयारियों, बाढ़ चौकियो, बचाव कार्य, रूट चार्ट आदि से सम्बन्धित विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्बन्धित विभाग तीन दिनों के अन्दर अपने अपने विभागों से सम्बन्धित अधिकारियों कर्मचारियों की सूची उपलब्ध करा दें जिस पर नाम, पदनाम, पता एवं मोबाइल नं0 अवश्य हों, जिससे जनपद स्तर एवं  तहसील स्तर पर बनने वाले कन्ट्रोल रूम में तथा बाढ़ चौकियो पर उनका ब्यौरा रखा जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर सम्पर्क किया जा सके।
जिलाधिकारी पुलकित खरे ने विभागीय अधिकारियों से बाढ़ की पूर्व तैयारियों के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए बताया कि बाढ़ चौकियो पर 24 घंटे ड्यूटी लगाई जायेगी। जिसमें कानूनगों, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी एवं सफाई कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य विभागो से सम्बन्धित अधिकारियो एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जायेगी। बाढ़ के समय पशुओं के टीके एवं चारा आदि से सम्बन्धित कार्य को पशु चिकित्साधिकारी, दवाईयों की उपलब्धता मुख्य चिकित्साधिकारी, बाढ़ पीड़ितों के खाने पीने की व्यवस्था जिला पूर्ति अधिकारी, सम्पर्क मार्गो की मरम्मत का कार्य पी0डब्ल्य0ूडी0 एवं आर0ई0एस0, बाढ़ समाप्ति पर बीजों की व्यवस्था जिला कृषि अधिकारी, पेयजल की व्यवस्था अधिशासी अधिकारी हरदोई, तटबन्ध एवं बाढ़ का पानी छोडे़ जाने एवं जल स्तर की रीडिंग का कार्य तथा बाढ़ पीड़ितो को रूकने आदि का कार्य सिंचाई विभाग, विद्युत से सम्बन्धित दुर्घटनाओं को रोकने का कार्य विद्युत विभाग सहित अन्य सम्बन्धित विभाग भी कार्य को मानवीय संवेदना के साथ पूरा करेंगे। नाविकों एवं गोताखोरों से उप जिलाधिकारी बिलग्राम एवं सवायजपुर सम्पर्क करके पूरा विवरण उपलब्ध करायेगें तथा तहसीलदार बिलग्राम एवं सवायजपुर गंगा प्रहरी, वालन्टियर, स्वयंसेवी संस्थाओं/संगठनों का पूर्ण विवरण रखेगें ताकि जरूरत पड़ने पर मदद ली जा सके।
उन्होने बताया कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बावरपुर, मानीमऊ एवं चन्द्रमपुर ग्राम सभाएं है। इन गांवो पर विषेष ध्यान देने की जरूरत है। तहसील सवायजपुर में फायर सर्विस सेन्टर स्थापित किया जायेगा तथा साथ ही दोनों तहसीलो में इमरजेन्सी सेवाएं प्रदान करने के लिए सेना के हैलीकाप्टर उतारने हेतु पीडब्ल्यूडी द्वारा हैलीपैडों का निर्माण किया जायेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके। उन्होने रूट चार्ट तैयार करने एवं उस पर बाढ़ सहायता केन्द्रों, बाढ़ चौकियो एवं रूट को हाई लाईट करने के निर्देश दिये। इस मौके पर सेना के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक डा0 विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी विमल कुमार, जिला विकास अधिकारी राजितराम मिश्र सहित सम्बन्धित विभागो के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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