मोहर्रम पर ताज़िए के साथ मातम के माहौल में निकला जुलूस

दीपक कुमार श्रीवास्तव

कछौना (हरदोई) – मंगलवार को नगर कछौना में मोहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पंचायती ताजिए की अगुवाई में कई ताजियों के साथ जुलूस निकालकर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया ।

मंगलवार दोपहर बाद इमाम चौक से पंचायती ताजिया की अगुवाई में आरंभ हुआ जुलूस निर्धारित मार्गों से होता हुआ मध्य रात्रि को कर्बला में ताजियों के दफन होने के साथ समाप्त हुआ । जुलूस के दौरान मुस्लिम भाई हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए ‘या अली या हुसैन’ कहकर सीना पीटकर और चाकू छुरियो से मातम मनाते दिखे । मोहर्रम के अवसर पर कस्बे में प्रति वर्ष की भांति मेला लगाया गया । जहां मुस्लिम समुदाय के महिला पुरुष व बच्चों के साथ ही अन्य समुदाय के लोगों ने पहुंचकर मेले का आनंद उठाया ।

मान्याताओं के अनुसार इराक में यजीद नाम का बादशाह इंसानियत का दुश्मन था। यजीद खुद को खलीफा मानता था। लेकिन, अल्लाह पर उसका कोई विश्वास नहीं था। बताते हैं कि वह चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन उसके खेमे में शामिल हो जाए। लेकिन, हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्होंने यजीद के विरुद्ध जंग का एलान कर दिया। जिसमें पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को कर्बला में परिवार और दोस्तों के साथ 72 लोगों को शहीद कर दिया। कहते हैं कि जिस महीने हुसैन और अन्य लोग शहीद हुए थे वह मोहर्रम का महीना था।

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