कस्बे की पहचान मीठाकुंआ की शान हेतु पालिका के प्रयास शुरू

सांडी (हरदोई)- मोदी योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही अतिक्रमण, भूमाफियाओं, सरकारी जमीनो, ग्राम समाज की जमीनो पर अवैध कब्जों को हटवारने का अभियान छेड़ा था। लेकिन भ्रष्ट प्रशासन खादी के स्थानीय चापलूसों के संरक्षण से अतिक्रमण पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकी।

कस्बे में सदर बाजार से लेकर पूरे नगर में अतिक्रमण का बोलबाला है। बाजार में चलना मुश्किल है। पतली गलियों में भी बेंचे न स्टूल राहगीरों ग्राहकों को परेशानी का सबब बनते है। दुकाने होने के बावजूद सड़कों पर मात्र टांगना उनका जन्मसिद्ध अधिकार बन चुका है। नगर के नाला-नाली होलिका दहन की जमीने व अन्य किसी न किसी बहाने से बलात कब्जों की शिकार हैं। जिनपर व्यवसाइक प्रतिष्ठान से लेकर रिहायशी आवास तक बन गए लेकिन पालिका बोर्ड ने वोट बैंक की राजनीति के चलते कभी किसी भी कब्जेदार पर कोई अंकुश न लगाने का प्रयास नहीं किया। पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि के सतत प्रयासों से समाचार पत्रो द्वारा एक अर्से से उठाए जा रहे मुद्दे व जनता की इच्छा का सम्मान करते हुए नगर की शान व पहचान मीठाकुंआ चौराहा को सौंदर्यीकृत करने हेतु स्टीमेट बनवाने की मंजूरी दे दी है। जैसा पुष्ट सूत्रों से ज्ञात हुआ है। ऐसी महत्वाकांक्षी योजना के चलते चौराहे पर कुंए के सामने ही बलात् कब्जा कर दुकान लगाए अतिक्रमणकारी मीठाकुंआ चौराहे के सौंदर्य में बदनुमा दाग बने हुए है। पालिका प्रशासन को कुंए के सामने का अतिक्रमण हटाकर वहां पर होने वाले मांगलिक रीति रिवाजों ‘कुंआवारा’ हेतु महिलाओं के मंगल गीतों हेतु सुरक्षित स्वच्छ स्थान व अपने दूल्हे राजा के नए जीवन की शुरूआत करने की खुशी मनाने वाले युवक-युवतियों हेतु मनोरंजन का इजहार करने का पर्याप्त स्थान होना चाहिए। जिसे छायादार बनाकर व्यवस्थित किया जाए।

url and counting visits