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कछौना पतसेनी : जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण नगर हुआ जलमग्न

कछौना, हरदोई। नगर पंचायत प्रशासन की जल निकासी की ठोस कार्ययोजना पर अमल न होने के कारण बारिश में मुख्य मार्ग सहित मोहल्लों में जलभराव हो गया है।मोहल्ले वासियों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। सबसे ज्यादा जलभराव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में स्वास्थ्य कर्मियों सहित मरीजों के सामने जलभराव का संकट खड़ा हो गया है।

थोड़ी सी बारिश में कस्बा जलमग्न हो जाता है। कस्बे की जल निकासी हेतु सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ ने शासन प्रशासन को पत्र लिखकर निराकरण की मांग की, दिए गए पत्र मेघुआ, दिघिया तालाबों की जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। जिनमें सिंह नर्सिंग होम से जनता इंटर कॉलेज के सामने पुराने पंचायत कार्यालय व मोहल्ला काशीनगर सदर बाजार में पानी आता है। कई किसानों के खेतों में जलभराव के कारण जलमग्न में रहते हैं। वह फसल नहीं बो पा रहे हैं। जलभराव के कारण गंदगी का अंबार बना रहता है।

अहिरानी तालाब मोहल्ला चौराहा पश्चिमी व कछौना बाजार पूर्वी के साथ ठाकुरगंज नटपुरवा, तिलक नगर, अंबेडकर नगर स्थित गुठुलू तालाब व होरिहइया का पानी आने से जलभराव होता है। बरसात के समय वार्डो में घरों का पानी भर जाता है। वहीं मोहल्ला ठाकुरगंज स्थित गुठुलू व तिलक नगर व अंबेडकर नगर स्थित होरिहइया तालाब के पानी आने से जलभराव मुख्य मार्ग पर हो जाता है। अतिक्रमण व भवन स्वामियों ने चट्टानों को पक्की होने के कारण जलभराव रहता है। गोल बिल्डिंग के पीछे जल निकासी हेतु नाला पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं तालाब में जलकुंभी होने के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हो जाता है।

कुशीनाथ मंदिर के पीछे तालाबों का पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। गौसगंज मार्ग पर स्थित नाले पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण जल निकासी पूरी तरह से अवरुद्ध है, कई जगह भवन स्वामियों ने नाले पर अतिक्रमण कर पूरी तरह से बंद कर दिया है। कस्बे की जल निकासी व अहिरानी तालाब का पानी अयूब प्रधान के घर के पास व आगे की निकासी अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध है।

रेलवेगंज की जल निकासी के लिए अभी कोई नाला का निर्माण नहीं कराया गया है। वहीं सुमित्रा तिराहे से सुठेना मार्ग स्थित नाला की समुचित निर्माण व सफाई न होने के कारण मोहल्ले में जलभराव से निजात नहीं मिल पा रही है। कस्बे में जल निकासी एक ज्वलंत समस्या है। भविष्य में भीषण संकट खड़ा हो जाएगा।

जलभराव के कारण मुख्य कस्बे में पॉलिथीन का अंधाधुंध प्रयोग से नालियां चोक हो चुकी हैं। जलभराव के कारण गंदगी का अंबार रहता है। संक्रामक बीमारी मलेरिया, डेंगू, दस्त, टाइफाइड महामारी फैलने की प्रबल संभावना रहती है। नगर पंचायत द्वारा सफाई व्यवस्था की फोटो खींचकर फीलगुड कराया जाता है। जल निकासी की ठोस कार्ययोजना का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन न होने के कारण नागरिकों को खामियाजा झेलना पड़ता है। वहीं तालाबों की सफाई कार्यक्रम हवा-हवाई हैं। समय पर ठोस कदम न उठाए जाने के कारण नगर वासियों के सामने जल निकासी का भीषण संकट खड़ा हो जाएगा।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता