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जर्जर भवन में चल रही कृषि रक्षा इकाई, अनहोनी की बनी रहती संभावना

कछौना (हरदोई) : विकास खण्ड कछौना के अंतर्गत कस्बे में गौसगंज मार्ग पर स्थित कृषि रक्षा इकाई को कई दशक पूर्व में बनाया गया था। इस कृषि रक्षा इकाई का भवन अत्यंत जर्जर हो गया है। इस बिल्डिंग में जगह-जगह छत से पानी टपकता है। ऐसे में बरसात में दवाएं व बीज प्रभावित होने की पूरी संभावना रहती है।

वर्तमान में यह भवन अत्यंत जर्जर हो गया है। इसी भवन के एक हिस्से में कृषि बीज भंडार भी हैं। जिसे समय-समय पर किसानों को प्रदान किया जाता है। दिलचस्प बात तो यह है कि सूबे में जो भी सरकार रहती है, वह किसानों के संसाधनों के बारे में जरूर बात करती है। लेकिन शासन/प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की निगाह इस जर्जर भवन पर नहीं पड़ती दिखाई पड़ रही है।

कृषि बीज भंडार के प्रभारी सन्तोष कुमार सिंह ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण सरकारी अभिलेख व कृषि रसायनों के रखरखाव में असुविधा हो रही है। हमेशा कर्मचारियों व किसानों के साथ हादसे की संभावना बनी रहती है। वहीं इस भवन के प्रांगण में अराजक तत्वों ने अतिक्रमण कर रखा है। भवन के सामने ब्रास बैंड के ठेले खड़े रहते हैं। वहीं कार्य से आने वाले किसानों को बैठने की कोई व्यवस्था भी नहीं है। कृषि रक्षा इकाई के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
उप कृषि निदेशक डॉ० आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। बजट मिलते ही जीर्णोद्धार कराया जायेगा।

रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता