ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

सर्दी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार

            पाली ( हरदोई )-  विकास खण्ड भरखनी के गाँव गाँव की कहानी अलग ही है। जंहा जिम्मेदारो ने गरीबो का मजाक बना रखा है, उसी मे सम्मिलित एक गाँव चकराछा भी है जहाँ गरीबी का दंश झेल रहे परिवार के साथ सरकारी जिम्मेदार हुक्मरानों व गाँव कें जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का प्रमाण प्रत्यक्ष देखने को मिलता है। सरकारी योजनाएं तो गरीब व सुविधाहीन लोगों के लिए चलती हैं लेकिन इनका लाभ जरूरतमन्दों तक नहीं पहुंच पाता।
             यह हकीकत विकास खण्ड भरखनी के चकराछा गाँव की है । जहाँ पुष्पा देवी जैसी गरीब महिला सरकारी योजनाओं की हकदार नही है या फिर भेदभाव पूर्ण नीतियों की वजह से उन्हे लाभ से वंचित रखा गया है।  एक अदद आशियाने के लिए सैकेड़ों बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद पुष्पा देवी की कोई सुनने वाला नहीं है।
         भरखनी के गाँव चकराछा में पुष्पा देवी का परिवार रहता है जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। घर मे कोई कमाने वाला भी नहीं है । ग्राम प्रधान की मनमानी की शिकार कच्ची झोपड़ी मे 60 से अधिक बसन्त गुजार देने वाली पुष्पा देवी सभी प्रधानों के कार्यकालों में आवास से वंचित रहीं। नवनिर्वाचित प्रधान से उम्मीदें लगा रखी थीं कि शायद समस्या का समाधान हो जायेगा । लेकिन धीरे धीरे अब कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, लेकिन समस्या जैसी थी वैसी बनी हुई है।
            आवासविहीन पुष्पा देवी ने दबे मुंह बताया कि उनके पास प्रधान को देने के लिए तीस हजार रुपए नहीं थे यही कारण है कि वह आज भी सरकारी योजनाओ से पूरी तरह महरूम है या यूं कहे की उन्हें जान बूझ कर लाभ से वंचित रखा गया है। जिम्मेदारों के उपेक्षा पूर्ण रवैए के चलते पुष्पा देवी आज भी आवासविहीन है और प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठी हैं । देखो आवास पाने का सपना कब साकार होता है।
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