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विदेश में फंसे पति की घर वापसी के लिए पत्नी ने लगाई भारत सरकार से गुहार

भारतीय दूतावास ने चंद्रशेखर से संपर्क कर माँगा नियोक्ता का विवरण

दीपक कुमार श्रीवास्तव –

नौकरी के लिए ओमान गये एक युवक चंद्रशेखर सोनी के साथ नियोक्ता कम्पनी द्वारा धोखाधड़ी व जबरन पासपोर्ट कब्ज़े में लेकर उसे परेशान करने का एक मामला विजुअली वायरल हो रहे है। इसी वायरल वीडियो की हकीकत जानने के लिए जब पत्रकार दीपक कुमार श्रीवास्तव ने जनपद हरदोई के कस्बा कछौना में अपने दो छोटे बच्चों आरोही (7 वर्ष) व अंश (2 वर्ष) के साथ रह रही पीड़ित महिला रचना सोनी से मुलाकात की तो उसने बताया कि 6 महीने पहले (फरवरी माह में) उसका पति चंद्रशेखर सोनी राजस्थान के एक युवक के साथ नौकरी के लिए ओमान गया था। लगभग दो महीने के बाद फोन पर बातचीत के दौरान उसके पति ने अपने बीमार होने की सूचना दी और बताया कि कंपनी के द्वारा किसी भी प्रकार की मेडिकल सुविधायें प्रदान नहीं की जा रही है। इसलिए इलाज के लिए 20 हजार रुपये भेज दो।

रचना सोनी ने बताया कि लगभग एक डेढ़ महीने बाद एक दिन फिर उसके पति चंद्रशेखर का फोन आया और उन्होंने कहा कि उसकी तबियत ज्यादा खराब है, घर वापस आना चाहता हूँ पर कंपनी का मालिक यूसुफ हरीब सालेह अल सैदी वीज़ा का (150 रियाल) रुपया बकाया होने के कारण पासपोर्ट नहीं दे रहा है। रचना ने बताया कि उसने फिर किसी तरह से प्रबंध करके फिर 30 हजार रुपये भारत से ओमान भेजे।

नौकरी के लिए विदेश गए भारतीय लोगों के शोषण के मामले अक्सर सुर्खियों में आते रहते हैं। एक बेहतर जिंदगी का सपना पूरा करने के लिए कुछ लोग चार पैसे अधिक कमाने के लालच में अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर गैर मुल्क चले तो जाते हैं। यही लोग कभी-कभी ऐसे जाल में फंस जाते हैं, जहाँ से घर वापसी के लिए उन्हें मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है। उन्हें जिस वेतन का वादा किया जाता है वो नहीं मिलता, काम के हालात ठीक नहीं होते यहाँ तक कि पासपोर्ट भी कंपनी रख लेती हैं। कर्मचारी तभी अपने देश जा सकता है जब कंपनी चाहेगी, भले ही कर्मचारी की कैसी भी मजबूरी या परेशानी हो। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई में कछौना इलाके से प्रकाश में आया है, जहाँ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला द्वारा नौकरी के लिए विदेश गए अपने पति के स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए उसको घर वापस लाने के लिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई गई है। महिला ने विदेशी कंपनी के मालिक पर उसके पति से जबरन मजदूरी कराने एवं पासपोर्ट ना देने की बात कही है।

रचना ने बताया कि फिर उसके कुछ दिन बाद उसके पति ने फोन करके बताया कि कंपनी का मालिक अपनी बात से मुकर गया है। वह पासपोर्ट नहीं दे रहा है, स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उसे जबरन मजदूरी करने के लिए भी बाध्य कर रहा है। रचना सोनी ने बताया कि पति की पीड़ा सुनकर वह काफी परेशान थी उसने अपने मायके पक्ष के लोगों को पूरी बात बताई और फिर 21 जून को अपने गृह जनपद उन्नाव के जिलाधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। लगभग दो सप्ताह बाद जनपद हरदोई की कछौना पुलिस टीम ने घर पर आकर जानकारी ली और बताया कि इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकते जो भी मदद होगी वह दिल्ली स्थित दूतावास या विदेश मंत्रालय से ही हो सकती है। पीड़ित महिला रचना सोनी ने कहा कि यह जानने के बाद कि अब भारत सरकार से गुहार लगाने के सिवाय उसके पास कोई चारा नहीं है इसलिए उसने सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से भारत सरकार से अनुरोध कर अपने पति चंद्रशेखर की घर वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है।

भारतीय दूतावास ने चंद्रशेखर से संपर्क कर माँगा नियोक्ता का विवरण

सोशल मीडिया पर पति की स्वदेश वापसी हेतु सरकार से गुहार लगा रही रचना सोनी और उसकी नन्ही बेटी आरोही का वायरल मार्मिक वीडियो देखकर काफी लोगों ने इस असहाय परिवार की मदद को हाथ बढ़ाएं हैं। इंडियन रोटी बैंक के प्रदेश वॉइस कोऑर्डिनेटर विनय शुक्ला सहित कई लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया ट्विटर, फेसबुक और अन्य माध्यमों से पीड़ित महिला की आवाज को ओमान स्थित दूतावास, विदेश मंत्रालय एवं विदेश मंत्री भारत सरकार डॉ सुब्रह्मण्यम जयशंकर सहित अन्य जिम्मेदारों तक पहुंचाने का कार्य किया। नतीजतन जिसका संज्ञान लेते हुए ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने चंद्रशेखर सोनी से संपर्क किया है और उनसे आवश्यक कार्यवाही हेतु नियोक्ता कंपनी का विवरण मांगा है। वहीं कस्बे के युवा भाजपा नेता एवं जिला संयोजक लघु उद्योग प्रकोष्ठ पंकज शुक्ला ने ओमान में फंसे चंद्रशेखर की स्वदेश वापसी करवाने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि चंद्रशेखर की स्वदेश वापसी को लेकर वह जनप्रतिनिधियों से बात करेंगे और शासन-प्रशासन से लेकर विदेश मंत्रालय से चंद्रशेखर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की मांग करेंगे।

भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के संज्ञान लेने के बाद चंद्रशेखर सोनी के जल्द देश वापसी की उम्मीदें जगी हैं। अब देखना यह है कि भारत सरकार कब उसकी स्वदेश वापसी का समय सुनिश्चित कर पाएगी। भारत सरकार उक्त मामले में हस्तक्षेप कर भले ही मौजूदा समस्या को हल कर ले, लेकिन जब तक अपने घर में नौकरी के पर्याप्त मौके नहीं होंगे तब तक ग़रीबी और मुफ़लिसी में रहने वालों को ओमान और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश अपनी तरफ़ खींचते रहेंगे और शायद लौट-लौट कर ऐसे मामले और संकट सामने आते रहेंगे।

ध्यान देने वाली बात है कि आज सुबह जब महिला के पास उसके पति चंद्रशेखर का ओमान से फोन आया तब उसने बताया कि नियोक्ता ने एक कर्मचारी को भेजकर उससे कहलाया कि चाहे जो कर लो पासपोर्ट नहीं पाओगे और न कभी घर जा पाओगे।