सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

बुनियादी ढांचा, कुशलता और पारदर्शिता आर्थिक विकास के महत्‍वपूर्ण स्‍तम्‍भ हैं : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

आज गुजरात में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कच्‍छ जिले में कांडला बंदरगाह की विभिन्‍न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्‍यास किया। इसमें डॉक्‍टर बाबा साहेब आंबेडकर अधिवेशन  केन्‍द्र, 14वें और 16वें कारगो बर्थ, साल जंक्‍शन पर रेलपुल, मशीनों द्वारा जहाजों से उर्वरकों को उतारने और लादने की सुविधा का केन्‍द्र और चलती-फिरती दो क्रेन की खरीद शामिल है। इस अवसर पर  प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा, कुशलता और पारदर्शिता आर्थिक विकास के महत्‍वपूर्ण स्‍तम्‍भ हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत के विकास के लिए अच्‍छे बंदरगाह आवश्‍यक हैं और कांडला बंदरगाह एशिया में एक बहुत ही अच्‍छे बंदरगाह के रूप में उभरा है। आज कांडला पोर्ट पूरे एशिया में प्रमुख बंदरों में अपनी जगह बना ली है।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 2022 तक हमारा सपना है। हिंदुस्‍तान के गरीब से गरीब परिवार को भी रहने की लिए अपना खुद का घर हो और घर में बिजली भी हो, पानी भी हो, शौचालय भी हो ऐसा घर उसको मिले ये बहुत बड़ा सपना लेकर के अपना काम चला आ रहा है। श्री मोदी ने कांडला पत्‍तनम न्‍यास के साथ पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय का नाम जोड़ने के लिए आवश्‍यक प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया। कांडला पोर्ट है उसको दीनदयाल पोर्ट ट्रस्‍ट कांडला की प्रक्रिया करे नि‍र्णय करें जो दीनदयालु है वो भाव हमारे सामने रहेगा तो हम निरंतर समाज के दबे कुचले, शोषित पीडि़त वंचित उनकी जिंदगी में बदलाव लाने के लिए काम कर सकते हैं। बाद में शाम को प्रधानमंत्री ने कच्‍छ क्षेत्र के लिए भचाऊ में नर्मदा शखा नहर पर निर्मित पंपिंग स्‍टेशन का उद्घाटन किया। इस परियेाजना से 182  गोंवों की लगभग दो लाख 80 हजार एकड़ जमीन में सिंचाई होगी। इसके अलावा 900 गांवों और 14 शहरों में पानी के पानी की जरूरतों की पूर्ति होगी। (AIR)