सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

रक्षा एक ऐसा महत्‍वपूर्ण क्षेत्र है जहां दोनों देश भागीदारी कर सकते हैं

भारत में रूस की कंपनियों को अवसर तलाशने तथा देश के उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आमंत्रित किया है। भारत विश्‍व में छठे नम्‍बर की मैनुफैक्‍चरिंग क्षमता वाला देश है। उनका अनुभव उत्‍तम रहेगा यह मैं उनको विश्‍वास दिलाता हूं।

श्री मोदी ने सेंट पीटर्सबर्ग में आज शाम प्रमुख उद्योगों से जुडे मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार और अभियांत्रिकी सहित व्‍यापार, वाणिज्‍य का इस क्षेत्र में विशेष महत्‍व है। भारत- रूस संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन की भूमिका की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा एक ऐसा महत्‍वपूर्ण क्षेत्र है जहां दोनों देश भागीदारी कर सकते हैं । डिफेंस के क्षेत्र में इस तरह की स्‍ट्रेटजिक भागीदारी के लिए एक नीति बनाई है, और मैं चाहूंगा का उस नीतियों का रशियन कंपनियां भी अध्‍ययन करें, और उसमें भारत के साथ मिलकर के किस प्रकार से काम किया जा सकता है। मैं आज फिर से एक बार राष्‍ट्रपति पुतिन को धन्‍यवाद करना चाहता हूँ, उनके प्रोएक्‍टिव एप्रोच के चलते ही हमारे ये संबंध और अधिक गतिशील हुए हैं और अधिक गहरे हुए हैं। इससे पहले, दोनों नेताओं ने समूचे द्विपक्षीय संबंधों को और आगे ले जाने की दिशा में बातचीत की।