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चंपारण सत्याग्रह से देश को पंचामृत मिला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी के चंपारण आंदोलन के 100 साल पूरे होने पर डिजिटल प्रदर्शनी का उदघाटन किया और कहा चंपारण सत्याग्रह से देश को पंचामृत मिला । बापू के स्वच्छता के सपने को पूरा करने का संकल्प लेते हुए कहा कि देश सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह की ओर बढ रहा है । महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का पहला प्रयोग बिहार के चम्पारण जिले में किया था । इस आंदोलन के 100 साल पूरे हो गए हैं। इसी आंदोलन की याद में देश में तमाम कार्यक्रम शुरु हो रहे हैं। पीएम मोदी ने सोमवार की शाम राजधानी के राष्ट्रीय अभिलेखागार संग्रहालय में एक विशेष डिजिटल प्रदर्शनी की शुरुआत की । प्रदर्शनी की थीम चंपारण सत्याग्रह है  और इसका नाम स्वच्छागृह बापू को कार्यांजलि है ।
पीएम ने पूरे गौर से इस प्रदर्शनी का जायजा लिया । प्रदर्शनी में बापू के जीवन से जुडी तमाम वस्तुएं रखी थी और पीएम ने सबका मुआयना किया । प्रदर्शनी का जायजा लेने के बाद पीएम ने कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि चंपारण सत्याग्रह से पंचामृत हासिल हुआ । पीएम ने कहा कि खादी के विकसित होने के पीछे चंपारण सत्याग्रह का अहम योगदान था । पीएम ने कहा कि गांधी जी ने आजादी दिलायी लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी गांधी जी का स्वच्छता का सपना अधूरा ही रहा । पीएम ने कहा कि स्वचछ भारत अभियान बापू के 100 साल के इसी सपने को पूरा करने का मिशन है और अब ये जनांदोलन बनता जा रहा है । पीएम ने कहा कि देश सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह की ओर बढ रहा है और गरीबों के जीवन में कल्याण के लिए ये बहुत जरुरी है । इस प्रदर्शनी में चंपारण सत्याग्रह को याद करने के अलावे स्वच्छ भारत अभियान में मिली सफलताओं को भी दिखाया गया । इसी प्रदर्शनी में स्वच्छागृह नाम से एक अहम खंड था । इस मौके पर नृत्य नाटिका का भी आयोजन किया गया ।

चंपारण सत्याग्रह के 100 साल के मौके पर दिल्ली में एक और में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंदीय सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने डी.जी तेंदूलकर द्वारा गांधी जी पर लिखित आठ खंडों की पुस्तक के तीन खंडों का विमोचन किया। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गांधीजी का संदेश चिर शाश्वत है और इसे आज के युवाओं को जानने की जरूरत है।
इस मौके पर बिहार में भी कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आय़ोजन किया जाएगा जिनका संबंध गाँधी जी के सत्याग्रह अंदोलन से रहा है। ये सभी कार्यक्रम केवल सांकेतिक ही नहीं है बल्कि बापू के सपने को साकार करने के लिए सरकार और प्रभावी कदम उठाने की शुरुआत भी है ।इन कोशिशों से सफाई को लेकर औऱ जागरुकता बढेगी औऱ जब महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ तक जन जन तक पहुंच जाएगी ।