कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

लात मारकर उसे देश से भगाओ!

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

देश की जनता जागो,
विकल्प अब तलाशो।
तल कर खा जायेगा देश को,
गहरी नींद से सब जागो।
पीड़ित हो कभी हमने कहा था,
अँगरेज़ो! देश से अब भागो।
अब जीना कर दिया दूभर उसने,
लात मारकर उसे देश से भगाओ।
‘न्यूइण्डिया’ में अत्याचार की पराकाष्ठा,
सोये हुओं को झिंझोड़ कर जगाओ।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ जून, २०२० ईसवी)