संजय सिंह, सांसद, आप ने पेयजल एवं स्वच्छता मिशन पर उठाए सवाल! | IV24 News | Lucknow

देश के ग़द्दार और संवेदनहीन नेताओं के ख़िलाफ़ सहन करने की अब कोई गुंजाइश न हो

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

हममें लाख मतभेद रहे, फिर भी,
मनभेद की अब कोई गुंजाइश न हो।
आवाज़ अब संग-संग उठे अपनी,
फ़र्क़ की अब कोई गुंजाइश न हो।
माना कि पेचोख़म हैं बहुत यहाँ,
भ्रम की अब कोई गुंजाइश न हो।
हवा में अफ़ीम घोलते चेहरे देखो,
सहन करने की अब कोई गुंजाइश न हो।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ जून, २०२० ईसवी)