हे राम! देखिए कहाँ… माँ ने जीवित नवजात को फेंका

इहे ह भोजपुरी बाबू!

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

ई मोछिया
मुड़ाइ लेहल!
केकरा कहला पर?
नीमन गँहकी बाड़।
तनी कनखियाई के देखल सीख
ना त
एक दिन
मुड़ाइ जइब तुहूँ।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २१ अक्तूबर, २०२० ईसवी)

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