एक आह्वान

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

आओ!
आकाश को उतार लें,
इस धरती पर।
क्षितिज को बाँध लें,
अपनी मुट्ठी में।
सूरज को उगा लें,
अपनी हथेली में।
सागर को सिमटा लें,
अपनी आँखों में।
पर्वत को बो दें,
अपने सीने में।
शौर्य और साहस का
धीर-गम्भीर चरित्र
कभी मरने न पाये।
आओ! उठो!
एक अभिनव अभियान के साक्षी बनें।

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