संजय सिंह, सांसद, आप ने पेयजल एवं स्वच्छता मिशन पर उठाए सवाल! | IV24 News | Lucknow

अभिव्यंजना

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

(एक)
तेरा चुप भी इक सवाल है,
यहाँ अब न कोई मलाल है।
यहाँ हर ख़याल है सो रहा,
अब यहाँ बोल है न चाल है।
(दो)
चमकता चाँद-सा बदन,
न चुरा अनकहा कथन।
पतंगी रूप हम पा जाते,
उड़ा ले जाता फिर पवन।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ नवम्बर, २०२१ ईसवी।)