गांधी के सपनों का भारत

गाँवों की समृद्धि के लिए गांधी जी प्रयास किए।
कुटीर उद्योग खुलवाकर स्वरोजगार से जोड़ दिए।।

खादी के वस्त्रों का चलन,गांधी जी के चरखे से आया।
स्वावलम्बन और मेहनत से सबने खादी घर घर बनाया।।

अहिंसा को अपनाकर जिन्होंने विश्व को सन्देश दिया।
स्तय अहिंसा के बल पर गौरों से देश आजाद किया

सादगी ओर विनम्रता से रहकर गांधी महात्मा कहलाए।
राष्ट्रपिता बापू नाम से अखिल विश्व मे गांधी जी छाए।।

गीता के कर्मयोग को अपनाकर जिसने विजय श्री पाई।
भारत के स्वतंत्रता समर में आजादी की अलख जगाई।।

विदेशी वस्त्रों को जला, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया।
गांधी जी ने भारत की राज भाषा हिंदी का मान बढ़ाया।।

-डॉ. राजेश पुरोहित