सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

अपने पुरखो का लेकर आशीर्वाद चलता हूँ

पिण्टू कुमार पाल-

कौन कहता है कि मैं

खाली हाथ चलता हूँ ।

हाथ में कलम लिए
तलवार की धार चलता हूँ ।
अपने पुरखो का लेकर
आशीर्वाद चलता हूँ ।
झुक गए जिस के सामने बड़े बड़े,
वो लेकर हाथ मैं हथियार चलता हूँ ।
रुक ना जाऊँ, झुक ना जाऊँ,
कुछ गलत होता देखकर ।
छूकर माँ के पैर,
लेकर माँ का आशीर्वाद चलता हूँ ॥