सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

चाहे जिसको करो किन्तु मतदान जरूरी है

रचियता – सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ (लेखक/कवि, पत्रकार {हिन्दुस्तान} एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ ) मण्डल अध्यक्ष – ‘आल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ रचना समय 09:58 रात्रि, दिन-मंगलवार, दिनांक-24-01-17 स्थान- जनसेवा केन्द्र लखनऊ-हरदोई मार्ग, टावर प्लाट सुन्नी निकट बघौली चौराहा, हरदोई Email-graminptrkar@gmail.com Mo- 9454874675


      सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’

देश भविष्य के शुभ चिन्तक, चाहे जो हित की बात करो |

घर परिवार मित्र संग जाकर, बटन दबा मतदान करो ||

जन-गण-मन का भैया, सम्मान जरूरी है |

चाहे जिसको करो भैया, मत दान जरूरी है ||

हार-जीत की गणित लगाकर, आपस में मत तकरार करो |

परिणाम चुनाव के चाहें जो, उसको लेकर मत रार करो ||

अच्छे प्रत्याशी को भैया, वरदान जरूरी है |

चाहे जिसको करो भैया, मतदान जरूरी है ||

वह प्रत्याशी सरकारें वह, जो जनहित का अपमान करें |

उन्हें दिखा दो अपनी ताकत, बटन दबाकर बयान करें ||

अपने संग सबका भैया, कल्याण जरूरी है |

चाहे जिसको करो भैया, मतदान जरूरी है ||

लोक लुभावन वादों में फँसकर, वोट अमूल्य गँवाओ ना |

जनहित के मुद्दे बिसराकर, बस अपना काम बनाओ ना ||

बटन दबाते समय भैया, बड़ा ध्यान जरूरी है |

चाहे जिसको करो भैया, मतदान जरूरी है ||

करना अब चूक नहीं वोटर, जो बात समझ सुन पाये हो |

जागरूक कर दो घर बाहर, चाहें जिस समाज से आए हो ||

‘परदेशी’ कहे मतदाता भैया, यह काम जरूरी है |

चाहे जिसको करो भैया, मत दान जरूरी है ||